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भ्रष्ट तंत्र का शिकार हुए किसान रघुवीर पाल के घर पहुंच ही गए अफसर, परिजनों का हाल जाना

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मोंठ। ग्यारह सालों से जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए भटक रहे किसान रघुवीर पाल ने शनिवार को समाधान दिवस से लौटकर फांसी लगाकर जान दे दी थी। किसान ने जो सुसाइड नोट छोड़ा था उसमें लिखा था कि लेखपाल और राजस्व निरीक्षक जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए 18 हजार रुपये मांग रहे थे। उसके पास पैसा था नहीं लिहाजा अपना जीवन खत्म करने का फैसला कर लिया। भ्रष्ट तंत्र का शिकार हुए किसान के घर कोई अफसर नहीं गया था। अमर उजाला ने इस खबर को प्रकाशित किया था। 4 जुलाई को अधिकारी किसान के घर पहुंच ही गए और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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पूंछ थाना इलाके के गांव फतेहपुर स्टेट निवासी किसान रघुवीर पाल (68) नौ बीघा जमीन के काश्तकार थे। 1976 में जब चकबंदी हुई थी तो उनकी 65 डिसमिल जमीन पड़ोसी ने दबा ली थी। इसके लिए रघुवीर पाल लगातार संघर्ष करते रहे। पुलिस और प्रशासन के हर अफसर से गुहार लगाई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। शनिवार को मोंठ तहसील में आयोजित समाधान दिवस में भी रघुवीर पाल पहुंचे थे और वहां अपनी अर्जी दी थी। आरोप है कि यहां मौजूद लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए 18 हजार रुपये मांगे थे। जब रघुवीर पाल को लगा कि उसकी जमीन से कब्जा नहीं हटेगा तो उन्होंने समाधान दिवस से लौटकर गांव के पास खेत पर फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना के बाद से शासन से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मच गया। लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी किसान के घर नहीं पहुंचा। किसी भी अधिकारी ने परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश नहीं की। अफसरों की इसी लापरवाही को अमर उजाला ने शिद्दत के साथ उठाया। इसका असर हुआ और बुधवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामअक्षयवर सिंह चौहान और एसडीएम मोंठ अंकुर श्रीवास्तव मृतक किसान रघुवीर पाल के घर ग्राम फतेहपुर स्टेट पहुंचे। मृतक के परिवार से बातचीत की। सांत्वना दी तथा शासन प्रशासन से हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया। अपर जिलाधिकारी ने मृतक के परिजनों से कहा कि इस दुख की घड़ी में जिला प्रशासन उनके साथ है, जो भी मदद हो सकती है वह करवायी जा रही है।
डीएम ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
झांसी। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने रघुवीर पाल के परिवार वालों को अपने आफिस में बुलवाकर उनकी बात सुनी। इन सभी को भरोसा दिलाया गया कि हर संभव मदद की जाएगी। रघुवीर पाल के परिजनों का कहना हे कि झांसी मुख्यालय पर जिलाधिकारी ने अपने कार्यालय में उन लोगों से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने अपने स्तर से आर्थिक सहायता भी की। परिजनों को वृक्षारोपण पट्टा दिलाए जाने तथा अन्त्योदय कार्ड बनाए जाने की बात भी की। विकलांग पुत्र के लिए भी नौकरी का भरोसा दिलाया।
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