झांसी। कॉलोनी विकसित करने के नाम पर प्लाट के खरीदरों से अच्छा पैसा वसूलने के बाद बिल्डर गायब हो जाते हैं। इसके बाद खरीदार बिजली कनेक्शन के लिए विभाग के चक्कर लगाते रहते हैं। यह स्थिति किसी एक कॉलोनी की नहीं, बल्कि कई कॉलोनियों की है। इस संबंध में बिजली विभाग ने मंडलायुक्त, निबंधक, झांसी विकास प्राधिकरण और नगर निगम को पत्र लिखा है कि पहले क्षेत्र का समुचित विकास कराएं, इसके बाद ही बिजली कनेक्शन के आवेदन पर विचार किया जाएगा।
खेती की जमीन खरीदकर प्लाटिंग कर मोटा मुनाफा कमाने का कारोबार करने वाले बिल्डर जमीन का भू उपयोग बदले बिना उसे बेच देते हैं। ऐसी जमीन पर मकान तो बन जाते हैं, लेकिन बाद में बिजली के कनेक्शन की दिक्कत आती है। मकान स्वामी कभी पार्षद से सिफारिश कराते हैं तो कभी विधायक से कहते हैं। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा कि क्षेत्र विकसित है या नहीं। मकान स्वामी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन कनेक्शन नहीं मिल पाता है।
बाद में आवेदक आईजीआरएस में शिकायत करते हैं। बिजली विभाग ने समस्या पर ध्यान देने के लिए मंडलायुक्त, निबंधक, झांसी विकास प्राधिकरण और नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि अविकसित क्षेत्रों में मकान बन रहे हैं। यहां बिजली विभाग का वितरण तंत्र नहीं है। यहां के निवासियों द्वारा दबाव बनाकर बिजली कनेक्शन की मांग की जाती है, अन्यथा कटिया डालकर अवैध कनेक्शन लेते हैं। निबंधक को पत्र लिखा है कि बिना भू उपयोग परिवर्तन के रजिस्ट्री नहीं की जाए।
हंसारी में एक प्राइवेट कॉलोनी के निवासी रह रहे अंधेरे में
हंसारी में एक प्राइवेट कॉलोनी को कुछ लोगों ने साझ़ेदारी में तैयार किया और बेच दिया। कॉलोनी बेचने वालों ने खरीदारों से वायदा किया कि बिजली का कनेक्शन करा देंगे। इसके एवज पच्चीस - पच्चीस हजार रुपये भी ले लिए। लेकिन कनेक्शन नहीं हुआ। अब वहां के लोग अंधेरे में रह रहे हैं। इसी तरह लहरगिर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लोगों के आवास तो बन गए, लेकिन वहां बिजली नहीं पहुंची है। यही हाल उन्नाव गेट क्षेत्र में बनी कॉलोनियों का है।
महानगर के अविकसित क्षेत्र में बिजली का कनेक्शन देने के लिए आवेदन आए हैं। कनेक्शन से दुर्घटना का खतरा है। इसलिए मंडलायुक्त, जेडीए और निबंधक को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि ऐसे क्षेत्र में मकान का नक्शा पास न करें और बिना भू उपयोग के रजिस्ट्री न करें।
- डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता