झांसी। उन्नाव गेट मुक्तिधाम में बनाया गया विद्युत शवदाह गृह शुरू होने से पहले ही कंडम होने लगा है। 75 लाख रुपये की भारी भरकम धनराशि खर्च होने के बाद भी ये किसी के काम नहीं आ रहा है। जबकि, कोरोना काल में इसकी बहुत कमी खली थी। बावजूद, अब तक इसे शुरू नहीं किया गया है।
शव के अंतिम संस्कार के लिए लोगों को लकड़ी-कंडों का इंतजाम न करना पड़े तथा धुएं से वातावरण प्रदूषित न हो, इसके लिए उन्नाव गेट मुक्तिधाम में बुंदेलखंड के पहले विद्युत शवदाह गृह का निर्माण 2016 में शुरू किया गया था। साल 2018 में ये बनकर तैयार हो गया था। लोगों को उम्मीद थी कि ये जल्द शुरू हो जाएगा। लेकिन, तीन साल बाद भी ये बंद पड़ा हुआ है। देखरेख न होने की वजह से शवदाह गृह में लगाए गए उपकरण कंडम होने लगे हैं।
भवन की भी दशा खराब होती जा रही है। कोरोना की दूसरी लहर में मौत का आंकड़ा बढ़ने से श्मशान घाटों में शवदाह के लिए जगह कम पड़ने लगी थी। ऐसे में विद्युत शवदाह गृह बेहद काम आता। जबकि, इसके निर्माण पर 75 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है। इसकी ये दशा देखकर मुक्तिधाम में शवों का अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को भारी निराशा होती है।
विद्युत शवदाह गृह शुरू करने में आने वाली बाधाएं दूर कर ली गईं हैं। जल्द ही इसका संचालन शुरू करने की तैयारी है। इसके शुरू हो जाने से शवों का अंतिम संस्कार आसानी से किया जा सकेगा।
- रामतीर्थ सिंघल, महापौर
शवदाह शुरू कराने का मुद्दा चार बाद सदन में उठाया जा चुका है, लेकिन कभी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। इसके न शुरू होने से इसके निर्माण पर खर्च किया गया पैसा पानी में जाता नजर आ रहा है।
- वीर सिंह सरदार, मनोनीत पार्षद