झांसी। विद्युत विभाग द्वारा पिछले एक साल से अधिक समय से चलाए जा रहे अभियान के दौरान बीस हजार उपभोक्ताओं के मीटर घर के बाहर लगा दिए गए हैं। इस व्यवस्था के बाद इन संयोजनों में चोरी की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई है। साथ ही एक करोड़ का राजस्व भी बढ़ गया है।
विद्युत विभाग द्वारा एक जुलाई 2014 से शुरू हुए चेकिंग अभियान का असर दिखने लगा है। पिछले सवा साल में नगर के अलग- अलग स्थानों पर चलाए गए अभियान के दौरान बीस हजार उपभोक्ताओं के संयोजनों को चेक किया गया। उपभोक्ताओं के पुराने मीटरों को बदलकर नए मीटर घर के बाहर लगा दिए गए। इन सभी संयोजनों में चोरी की संभावना फिलहाल पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। इनमें जेल चौराहा सब स्टेशन से जुड़ा इलाइट फीडर, एमईएस, झोकन बाग फीडर, नंदनपुरा सब स्टेशन से जुड़े आवास विकास, खाती बाबा व के के पुरी फीडर शामिल हैं।
इसके अलावा प्रेमनगर, सदर बाजार, मिशन कंपाउंड, सीपरी बाजार क्षेत्र में भी सैकड़ों की संख्या में मीटर बाहर लगा दिए गए हैं। हालांकि, अभी इन क्षेत्रों में पूरी तरह मीटर घर से बाहर नहीं हो सके हैं। इसके परिणाम भी आने शुरू हो गए हैं। आमतौर पर जहां नगर के दोनों वितरण खंडों का राजस्व हर माह 19 करोड़ पर सिमट कर रह जाता था। अब यह राजस्व बढ़कर बीस से इक्कीस करोड़ के बीच हो गया। इसी तरह, जुलाई माह 2014 में नगर के नब्बे हजार उपभोक्ताओं ने 56.50 लाख यूनिट का उपभोग किया था।
अगस्त माह 2015 में खपत घटकर 52.50 लाख यूनिट रह गई। इससे साफ है कि संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं ने या तो बिजली का उपभोग कम कर दिया अथवा जो लोग चोरी कर रहे थे उस पर अंकुश लग चुका है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि पावर कारपोरेशन ने अभी चेकिंग का समय 20 सितंबर तक तय किया था। मगर, मिल रहे अच्छे परिणाम को देखते हुए यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी उपभोक्ताओं के मीटर घर के बाहर न लगा दिए जाएं।
अवर अभियंताओं ने बनाई चेकिंग से दूरी
झांसी। विद्युत अवर अभियंताओं ने वर्क टू रूल के तहत चल रही हड़ताल के चलते चेकिंग व मीटर बदलने के अभियान से दूरी बना ली है। इन दिनों ठेकेदार के कर्मचारी उपखंड अधिकारियों के नेतृत्व में मीटर बदलने का काम कर रहे हैं।