झांसी। बड़ागांव थानांतर्गत गांव रनगुवां में बुधवार की दोपहर में वृद्ध दंपति ने जहर खा कर जान दे दी। वृद्ध दंपति ने जहर क्यों खाया, इसका पता नहीं चल सका है।
रनगुवां में रहने वाले गोविंद दास का पुत्र रमेश सुबह के समय पत्नी रीना देवी के साथ मनरेगा के तहत काम मिलने पर तालाब की खुदाई करने गया था। घर पर उसके माता- पिता के अलावा बच्चे थे। रमेश के अनुसार दोपहर बारह बजे पुत्र धीरज ने कार्य स्थल पर पहुंचकर बताया कि दादा गोविंद दास (72) और दादी बेनी (70) की तबियत बिगड़ गई है। दोनों उल्टियां कर रहे हैं और मुंह से झाग भी आ रहे हैं।
इस सूचना पर दंपति काम छोड़कर घर पर आए। अंदर गोविंद दास और बेनी देवी अचेतावस्था में पड़ी थीं। शोरशराबा होने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों की मदद से वह माता-पिता को लेकर मेडिकल कालेज आया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय पुलिस चौकी मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, बड़ागांव थाना पुलिस ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की। रमेश का कहना है कि परिवार में किसी भी तरह का तनाव नहीं था।
आर्थिक तंगी है, मगर ऐसी भी नहीं कि कोई आत्मघाती कदम उठाया जाए। गांव के किसी व्यक्ति से रंजिश भी नहीं चल रही है। इस बार गेहूं की फसल में भी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। किसी तरह की उधारी भी नहीं है।
वहीं, वृद्ध दंपति द्वारा जहर खाकर की गई आत्महत्या के मामले को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जिनको पुलिस ने संज्ञान में लेना शुरू कर दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि भले ही परिजनों ने मामले की सूचना नहीं दी है, फिर भी हर संभव जानकारी जुटाई जा रही है।