झांसी। पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद (सअ) की यौमें पैदाइश के मौके पर तीस अक्टूबर को ईद-मिलादुन्नबी मनाई जाएगी। इस दौरान सैयर गेट स्थित मरकजी मस्जिद से जुलूस-ए- मोहम्मदी निकाला जाएगा। जुलूस नगर भ्रमण करता मिनर्वा स्थित गुलाम गौस खां चौक पर पहुंचकर समाप्त होगा। जुलूस के दौरान कोविड़-19 के नियमों का पालन किया जाएगा। ये निर्णय सीरत कमेटी की बैठक में लिया गया है।
जुलूस-ए-मोहम्मदी की शुरुआत दोपहर एक बजे पैगामे अमन का परचम उठाकर की जाएगी। जुलूस मरकजी मस्जिद से निकलकर बाहर ओरछा गेट, अंदर ओरछा गेट, सुभाष बाजार, मालिनों का तिराहा, बिसाती बाजार, गंदीगर का टपरा, मानिक चौक, सिंधी तिराहा होता हुआ गुलाम गौस खां चौक पर पहुंचेगा। वहां पर जलसा होगा। जलसे में उलमा नबी की सूरत पर तकरीर करेंगे। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के चलते जुलूस में 11 वर्ष से कम व 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के शामिल होने पर पाबंदी लगाई गई है। वहीं कंटेनमेंट इलाके में रहने वाले लोगों के जुलूस में शामिल होने को भी मना किया गया है। जुलूस में एक दूसरे को आपस में सामाजिक दूरी बनाकर चलना होगा। इस दौरान रास्ते में रोककर तकरीर करना व डीजे पर भी मनाही की है।
बैठक में मुफ्ती साबिर अंसारी मुख्य अतिथि, मुफ्ती इमरान और मोहम्मद कामिल विशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अध्यक्षता चौधरी असलम शेर ने की। संचालन नूर अहमद मंसूरी ने व आभार सुलेमान अहमद मंसूरी ने व्यक्त किया।