अमर उजाला की ‘अपराजिता’ के तहत चलाई गई मुहिम का असर हुआ है। दो साल पहले कड़ाके की ठंड के बीच रात के वक्त नवजात को कोई खुले मैदान में छोड़कर चला गया था। कुत्तों ने उसका एक हाथ खा लिया था। अमर उजाला ने मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया था। बेहतर परवरिश के वादे के साथ धनी उद्यमी परिवार ने हमारी अपूर्वी को गोद ले लिया है।
दो साल पहले लावारिस अवस्था में मिली नन्हीं बिटिया ‘अपूर्वी’ अब अमेरिका पहुंच गई है। बेहतर परवरिश के वादे के साथ वहां के एक धनी उद्यमी परिवार ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर उसे गोद लिया है।
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कड़ाके की ठंड के बीच 16 दिसंबर 2019 की रात के वक्त कोई एक नवजात बेटी को कपड़े में लपेटकर मेडिकल कॉलेज के सामने एक गली में खुले मैदान में छोड़ गया था। कुत्तों ने उसका एक हाथ खा लिया था। वहां से गुजर रहे राहगीर ने इसकी सूचना अमर उजाला कार्यालय को दी थी। अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंची और नवजात को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया।
बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए ‘अमर उजाला’ की ओर से अपराजिता के तहत बड़ी मुहिम चलाई गई थी, जिसमें झांसी के सभी वर्गों की सहभागिता रही थी। बाल संरक्षण आयोग की टीम झांसी आई थी और बेटी का नाम अपूर्वी रखा गया था। इसके अलावा अमर उजाला की ओर से बेटी का अन्नप्रासन संस्कार कराया गया था और एक वर्ष की होने पर बाल आश्रय स्थल में उसका धूमधाम से जन्मदिन मनाया गया था।
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लेकिन, अब अपूर्वी अमेरिका चली गई है। जिला प्रोवेशन अधिकारी नंदलाल सिंह ने बताया कि अमेरिका के एक उद्यमी परिवार ने कारा (केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण) की निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर उसे गोद ले लिया है। अमेरिकी दंपती बेटी को अपने साथ ले गए हैं। पूरी पड़ताल के बाद बेटी उन्हें सौंपी गई है। नियमानुसार उसकी परवरिश की नियमित रूप से जानकारी भी ली जाएगी।