झांसी। पेट्रोल-डीजल, घी-तेल, सब्जी, फल और मेवा महंगे होने से पहले ही घर-गृहस्थी चलाना आम लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। अब बैंकों की रेपो रेट में बढ़ोतरी होने से अपना आशियाना और कार खरीदने के साथ व्यापार का सपना देखना भी महंगा हो गया है। रेपो रेट बढ़ने से जहां अब बैंकों से कर्ज लेना महंगा हो जाएगा वहीं पहले से कर्ज लिए बैठे झांसी के चार लाख से अधिक कर्जदारों पर ईएमआई का बोझ बढ़ेगा। इसे लेकर लोन धारकों के पास बैंकों के मेसेज भी पहुंचने लगे हैं, इससे लोगों की टेंशन बढ़ गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) ने बैंकों को दिए जाने वाले कर्ज की ब्याज दर (रेपो रेट) बढ़ा दी है। इससे बैंकों को मिलने वाला कर्ज महंगा हो गया। ऐसे में बैंकों से व्यापार, घर, कार और पर्सनल लोन लेना आम लोगों की जेब पर भारी पड़ेगा। लोगों का कहना है कि इस महंगाई में पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने से मालभाड़े में जिस हिसाब से बढ़ोतरी हुई है, उससे पहले ही दाल, सब्जी, मेवा, दूध-घी महंगा हो चुका है। 2021 दिसंबर के मुकाबले 2022 मार्च-अप्रैल तक महीने के खर्च में एक से डेढ़ हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। ऐसे में बैंकों का कर्ज महंगा होने से मध्यम वर्ग पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
बुटीक चलाने वाली झोकन बाग की पल्लवी बताती हैं कि बिजनेस या नौकरी करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों में होम लोन या कार लोन लेना आम बात है। लोग छोटी-छोटी बचत करके ईएमआई चुकाते हैं। अब ईएमआई बढ़ेगी तो कहीं न कहीं जेब पर बोझ पड़ेगा। आवास विकास के निवासी संतोष ताम्रकार बताते हैं कि उन्होंने भी होम लोन के लिए अप्लाई किया है। बैंक का कर्ज महंगा होने से अब इस महंगाई में कहीं न कहीं से खर्च में कटौती करनी पड़ेगी।
आरबीआई की रेपो रेट बढ़ने से बैंकों से कर्ज लेना महंगा हो जाएगा। जिन लोगों ने पहले से कोई लोन ले रखा है, उनकी ईएमआई पर असर पड़ेगा। झांसी में 4 लाख 18 हजार 638 लोन धारक हैं। इनमें तकरीबन दो लाख लोन धारक केसीसी के हैं। फिलहाल लोन महंगा होने के संबंध में अभी बैंकों के पास कोई परिपत्र (सकुर्लर) नहीं आया है।
अरुण कुमार, एलडीएम, झांसी
ये होती है रेपो रेट
झांसी। रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक ग्राहक बैंकों को लोन देता है। इस पैसे से बैंक अपने ग्राहकों को लोन देते हैं। रेपो रेट कम होने का मतलब है कि ग्राहक कम ब्याज दर पर बैंक से लोन ले सकेंगे और रेपो रेट बढ़ने से कर्ज महंगा होगा।
फल और सब्जियों के दाम और बढ़े (रेट प्रति किलो)
सेब 200
आम 100
अंगूर 80
तरबूज 40
खरबूजा 40
केला 40
भिंडी 80
कद्दू 40
लौकी 40
गोभी 100
मेरी कार की ईएमआई चल रही है, इसके अलावा बिजनेस लोन भी है। ब्याज बढ़ने से निश्चित ही ईएमआई का बोझ बढ़ जाएगा। लोन लेने वाला हर व्यक्ति इससे प्रभावित होगा।
पुनीत अग्रवाल-व्यापारी
लोन की ईएमआई बढ़ेगी तो कहीं न कहीं किसी खर्च में कटौती तो करनी ही पड़ेगी। लेकिन इस महंगाई में अब नया लोन लेने वालों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
मंजू गुप्ता-राजघाट कॉलोनी
महंगाई के समय में घर के बजट में से कुछ भी अतिरिक्त खर्च बढ़ जाए तो घर खर्च में ही कहीं न कहीं कटौती करनी पड़ती है। लोन महंगा होने से घर और कार का सपना महंगा हो जाएगा।
नीलम-गृहिणी-आवास विकास
बैंक लोन महंगा होने से मध्यम वर्गीय लोगों पर बड़ा असर पड़ेगा। अधिकांश परिवार घर और कार के लिए बैंक लोन लेते हैं। महंगाई में बैंक लोन महंगा होना लोगों के रोज खर्च पर असर डालेगा।
राहुल द्विवेदी-बिजनेसमैन