गुरसराय (झांसी)। गुरसराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात महिला फार्मासिस्ट के फांसी लगाकर आत्महत्या के प्रकरण में पुलिस ने सीएचसी के तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सुसाइड नोट और मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर कार्रवाई की गई।
महिला फार्मासिस्ट द्रोपदी वर्मा ने 22 मार्च 2022 की रात को अस्पताल परिसर में स्थित अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी रिपोर्ट थाना गुरसराय में उसके पिता विजय शंकर निवासी ग्राम बाबई थाना चुर्खी जिला जालौन ने 24 मार्च 2022 को दर्ज कराई थी। पुलिस ने बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन मामला मुख्यमंत्री और बड़े अफसरों तक पहुंचने पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। आखिरकार पुलिस ने बुधवार को चिरगांव के पास स्थित एक ढाबे से डॉक्टर रविंद्र सिंह निवासी आवास विकास कॉलोनी थाना सिकंदरा जनपद आगरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि फार्मासिस्ट का उत्पीड़न किया जाता था, जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या की थी।
अच्छा खासा प्रभाव था विभाग में
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पद पर रहते हुए डॉक्टर रविंद्र सिंह के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 118. 21 धारा 376.354. 504 आईपीसी में थाना गुरसराय में दर्ज हुआ था जिसके चलते डॉक्टर रविंद्र सिंह ने अपने प्रभाव के बल पर अपना स्थानांतरण झांसी करा लिया था। जबकि इस घटना के बाद उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सीएमओ को करनी चाहिए थी लेकिन उसे चिरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का चार्ज दे दिया गया। गुरसराय सरकारी अस्पताल परिसर में बने सरकारी आवास को भी खाली नहीं कराया गया जिसके चलते वह यहां रात-बिरात आता जाता रहा।
गिरफ्तार करने वाली टीम में ये रहे शामिल
थाना प्रभारी गुरसराय अरुण कुमार तिवारी के साथ गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में सब इंस्पेक्टर शेर पाल सिंह, सब इंस्पेक्टर कुलभूषण सिंह, सब इंस्पेक्टर अंकित पंवार, हेड कांस्टेबल मंजीत कुमार, कांस्टेबल सत्यम मिश्रा, कांस्टेबल प्रिंस कुमार, महिला कांस्टेबल राठौर पूजा देवी रहीं।