मऊरानीपुर (झांसी)। एंटी करप्शन विभाग की टीम ने बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रूपाधमना में तैनात क्लर्क को दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बाबू ने सहायक अध्यापक से परीक्षा में ड्यूटी न देने पर दिए गए नोटिस को सुलटाने के बदले यह रकम मांगी थी।
प्राथमिक विद्यालय मड़वा में तैनात सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र सिंह की मार्च में यूपी बोर्ड की परीक्षा में ड्यूटी लगाई गई थी। उसी समय प्राइमरी स्कूल में परीक्षा होने के कारण पुष्पेंद्र बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं कर पाया। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा में ड्यूटी न देने पर सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र सिंह को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से नोटिस भेजा गया था। नोटिस मिलने से पुष्पेंद्र काफी परेशान था। वह नोटिस निरस्त करवाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कई दिन से चक्कर लगा रहा था ।
आरोप है कि वहां पर तैनात बाबू गजेंद्र कुमार नोटिस निरस्त करवाने के एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। कई बार बातचीत के बाद मामला सुलटाने में दो हजार रुपये में सहमति हो गई । इसके बाद 27 जून को पुष्पेंद्र सिंह ने झांसी में एंटी करप्शन विभाग में मामले की लिखित शिकायत की । इसके बाद एंटी करप्शन विभाग की टीम ने शिकायतकर्ता के साथ योजना बनाई। बुधवार को दोपहर में खंड शिक्षा कार्यालय के बाबू गजेंद्र कुमार को सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र सिंह ने जैसे ही पाउडर लगे रुपये दिए तो एंटी करप्शन विभाग की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया । कुछ देर बाद ही कार्यालय के कर्मचारी कार्यालय से नदारद हो गए । रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए कर्मचारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। टीम उसे अपने साथ झांसी ले गई है। अब अदालत में पेश करने के बाद उसे जेल भेजा जाएगा। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में भ्रष्टाचार नियंत्रण संगठन झांसी इकाई के निरीक्षक प्रेमकुमार, निरीक्षक सुरेंद्र सिंह, उप निरीक्षक मुहम्मद इसराद, मुख्य आरजी महिला बीना सिंह, कांस्टेबल इरशाद खां, निरंजन सिंह, चंद्रप्रकाश कुशवाहा, रामप्रकाश वर्मा आदि थे।