झांसी। आगरा नगर निगम द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगी कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद झांसी में सवाल उठने लगे हैं। महानगर में भी कूड़ा कलेक्शन के नाम पर कंपनियां लगातार खेल कर रही हैं। इसे लेकर नगर निगम के कार्यकारिणी सदस्यों ने जांच की मांग की है। साथ ही, कंपनियों को किए गए भुगतान की जानकारी मांगी है।
दरअसल, आगरा नगर निगम ने कूड़ा कलेक्शन के नाम पर कंपनियों ने गलत तरीके से भुगतान प्राप्त किया था। जिसके बाद कंपनियों के खिलाफ एफआईआर कराई गई। आगरा में कार्रवाई की जद में आईं सभी कंपनियां झांसी की हैं और झांसी नगर निगम में कूड़ा कलेक्शन में लगी हुई हैं। इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जाता है कि नियमों के मुताबिक कूड़ा कलेक्शन में लगी कंपनी को 100 फीसद घरों से कूड़ा लेने के साथ 40 फीसद घरों से यूजर चार्ज लेना अनिवार्य है। 40 फीसद यूजर चार्ज जमा करने के बाद कंपनी को नगर निगम की ओर से पूरा भुगतान किया जाता है। लेकिन महानगर में कंपनियां मनमानी पर उतारू हैं। पार्षदों का कहना है कि महानगर में 25 फीसद घरों से भी कूड़ा नहीं लिया जाता।
नगर निगम हर साल कंपनियों को पांच करोड़ रुपये का भुगतान करता है, लेकिन यूजर चार्ज से निगम को महज 80 लाख रुपये की आय होती है। ऐसे में कंपनियों के खिलाफ जांच की मांग की जा रही है। पार्षद महेश गौतम का कहना है कि पांच कंपनियों में से चार कंपनियों के अनुबंध मार्च 2019 में ही खत्म हो चुके हैं, लेकिन फिर भी काम कराया जा रहा है। वहीं नगर आयुक्त ने मामले की जांच की बात कही थी, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। पार्षद विकास खत्री का कहना है कि अगर ठीक से जांच कराई गई, तो यहां भी बड़ा खेल सामने आएगा।