शिवपुरी के आसपुर गांव निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी रामकुमारी को लेकर कानपुर जा रहे थे। कानपुर में ही पत्नी का रूटीन चेकअप चल रहा था। दोनों वहीं काम करते थे। ठेकेदार के पास 30 हजार रुपये थे। इस वक्त मांगने पर ठेकेदार ने पैसे देने से इनकार कर दिया। पत्नी की डिलीवरी डेट भी नजदीक थी। रुपये न होने की स्थिति में उसने अपनी मौसी से रुपये उधार लेकर ट्रेन संख्या 15066 पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस से रवाना हुए।
झांसी के आउटर पर पहुंचते ही पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी। सूचना पर रेलवे के डॉक्टर और नर्स ने ट्रेन को अटेंड किया। महिला को ट्रेन से सुरक्षित उतारकर ओवरब्रिज से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन प्लेटफार्म नंबर एक पर आने के दौरान ओवरब्रिज पर उसे तेज प्रसव पीड़ा हुई। इस दौरान वहां से गुजर रहे सेना के चिकित्सक मेजर रोहित की नजर महिला पर पड़ी तो उन्होंने भी रेलवे के चिकित्सक डॉ. सुजीत कुमार के साथ प्रसव कराने में मदद की। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद महिला को अस्पताल भेजा गया।