झांसी। दिव्यांगों की सुविधा के लिए यूडीआईडी (यूनिक डिसेबिलटी आईडी) कार्ड बनाए जा रहे हैं। विशिष्ट पहचान पत्र बन जाने के बाद दिव्यांगों को प्रमाण पत्र लेकर नहीं घूमना पड़ेगा। उन्हें देश भर में कहीं पर भी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
जिले में 11803 दिव्यांग पंजीकृत हैं। शासन ने इनके लिए यूडीआईडी कार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। कार्ड बन जाने के बाद दिव्यांगों को एक नंबर दिया जाता है। इसके बाद उन्हें प्रमाण पत्र लेकर नहीं घूमना पड़ता, बल्कि इसी कार्ड के माध्यम से दिव्यांगों से संबंधित सभी जानकारियां मिल जाती हैं। यह जानकारी ऑनलाइन मिलती है। कार्ड बन जाने के बाद देश में कहीं पर भी दिव्यांगों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। यूडीआईडी कार्ड एक माह में तैयार हो जाता है। दिव्यांगों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। इस पंजीकरण से तहसील, जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे दिव्यांगों की पहचान आसानी से हो सकेगी।
www. swavlambancard.gov.in पोर्टल पर जाकर यूडीआईडी बनवाया जा सकता है। इसके लिए आवेदन करने पर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जरूरी है। आवेदन पत्र भरने के बाद इसे मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय भेजा जाता है और वहां से जारी प्रमाण पत्र के आधार पर कार्ड बनाए जाते हैं। यह कार्ड पूरे देश में मान्य है और इस आधार पर दिव्यांग कहीं पर भी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
यह बहुउद्देशीय स्मार्ट कार्ड है। अब तक 3107 यूडीआईडी जारी हो चुके हैं। इसके माध्यम से दिव्यांगों को प्रमाण पत्र लेकर कहीं आने- जाने की जरूरत नहीं होगी। पूरे देश में कार्ड की अलग पहचान होती है।
- अमित प्रताप सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी