झांसी। जलनिगम का बंटवारा हो जाने के बाद इसके कामों में फेरबदल चल रहा है। अब तक जलनिगम आगरा से झांसी मंडल का कोई संबंध नहीं रहा है, लेकिन बंटवारा होने के बाद पहली बार बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में नगर के कार्यों की जिम्मेदारी महाप्रबंधक गंगाजल आगरा को सौंपी गई है। इससे अब पानी की निगरानी 220 किलोमीटर दूर बैठे अफसर करेंगे।
उप्र जलनिगम नगरीय के प्रबंध निदेशक ने आदेश जारी किया है कि महाप्रबंधक गंगाजल आगरा अब नगर क्षेत्र में काम कर रहे जलनिगम का कार्य देखेंगे। इसमें झांसी से लेकर चित्रकूट तक के जिले शामिल हैं। विभागीय कार्य अब तक कानपुर मंडल से जुड़े रहे हैं, इसलिए यहां के अधिकारियों को सुविधा रहती थी। कानपुर से बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन और महोबा की दूरी लगभग बराबर थी, इसलिए आने- जाने में अधिकारियों को आसानी रहती थी। लेकिन, पिछले दिनों हुए जलनिगम के बंटवारे के बाद अब नगर क्षेत्र के कार्यों का बंटवारा भी कर दिया गया है। एक तरह से विभाग ही अलग कर दिया गया है।
पहले बुंदेलखंड के अन्य जिलों के काम झांसी से हो जाया करते थे, लेकिन अब इसके लिए आगरा की दौड़ लगानी पड़ेगी। जलनिगम के काम की जिम्मेदारी मिलने के बाद आगरा में बैठने वाले महाप्रबंधक गंगाजल के काम की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्हें झांसी के साथ- साथ बुंदेलखंड के अन्य जिलों का काम भी देखना पड़ेगा।
बता दें कि महाप्रबंधक गंगाजल के पास आगरा को शुद्ध पानी मुहैया कराने की जिम्मेदारी है। इसके लिए गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन के माध्यम से पीने के लिए गंगाजल मुहैया कराया जा रहा है। आगरा में सभी लोगों तक गंगाजल की आपूर्ति अभी भी चुनौती बनी हुई है। बुंदेलखंड के नगरीय क्षेत्र में पानी की आपूर्ति का जिम्मा मिलने के बाद अधिकारी के काम की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी तथा काम की चुनौती भी बढ़ेगी।