झांसी में जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर पेट्रोल पंप के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) अनूप तिवारी फंस गए हैं। मामला पकड़ में आने के बाद सोमवार को देर रात डीएसओ और विभाग के लिपिक अमित श्रीवास्तव को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
जिलाधिकारी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने के बाद नवाबाद थाना पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया। इसके अलावा इस मामले में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी मनोज कुमार और पेट्रोल पंप के पार्टनर राजेंद्र सिंह चावला के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। ये दोनों फरार हैं। आपूर्ति विभाग के डीएसओ समेत तीनों कर्मचारियों को निलंबित करते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
ग्वालियर रोड पर करारी में ग्रासलैंड के पास सिंह कैरियर फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोल पंप है। वर्ष 2010 में आपसी बंटवारे में पार्टनरों में विवाद हो गया था। मामला न्यायालय भी पहुंच गया था।
वहां बंटवारे को अवैध करार दे दिया गया था। पेट्रोल पंप की सप्लाई व लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया था। आरोप है कि फर्म के पार्टनर राजेंद्र सिंह चावला ने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए जिला पूर्ति अधिकारी के साथ मिलकर हेराफेरी का खेल शुरू कर दिया था। इसी के तहत 20 फरवरी 2018 को जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर लाइसेंस जारी कर पेट्रोप पंप पर सप्लाई भी शुरू हो गई थी। मामले की लगातार शिकायत अन्य पार्टनरों द्वारा अधिकारियों से की जा रहीं थीं।