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Jhansi News: मंगेतर के धोखा देने से दुखी रेलकर्मी की पुत्री ने फंदा लगाकर दी जान

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छाया, मृतका फाइल फोटो
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झांसी। कोतवाली के नई बस्ती के चांद गेट इलाका निवासी रेल कर्मचारी जगदीश पवार की छोटी बेटी छाया (19) ने मंगलवार सुबह अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। लोहे के दरवाजे को संबल से तोड़कर परिजन किसी तरह अंदर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। कमरे से रोमन लिपि में हाथ से लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें उसने मंगेतर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। परिजनों ने बताया कि सगाई के बाद मंगेतर अपनी प्रेमिका के साथ खुद की तस्वीरें उसे भेजता था। इस वजह से छाया डिप्रेशन में थी। उधर, देर-शाम पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी मंगेतर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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चांद दरवाजा निवासी जगदीश झांसी मंडल स्थित रेलवे अस्पताल में वार्ड ब्यॉय हैं। परिजनों ने बताया करीब 8 महीने पहले उन्होंने छाया का रिश्ता रायसेन (मध्य प्रदेश) निवासी हर्ष बग्गन से किया था। हर्ष वहां कैफ चलाता है। अप्रैल महीने में सगाई हुई थी। अगले साल दिसंबर में शादी होनी थी। हर्ष और छाया फोन में बात करते थे। परिजनों का आरोप है सगाई के बाद हर्ष के कई लड़कियों से संबंध की बात पता चली। छाया के विरोध करने पर हर्ष शराब के नशे में अपनी प्रेमिकाओं के साथ अंतरंग क्षणों के वीडियो एवं तस्वीरें भेजने लगा। इससे छाया बेहद डिप्रेशन में आ गई। परिजनों के समझाने के बावजूद वह उदास रहती थी। मंगलवार सुबह सफाई करने की बात कहकर ऊपर के कमरे में गई थी। पिता एवं अन्य परिजन मंदिर गए थे। काफी देर तक नीचे न आने पर बड़ी बहन कमरे में पहुंची। कमरा अंदर से बंद मिला। खिड़की से देखने पर वह फंदे से लटकी मिली। कोतवाली पुलिस एवं फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर छानबीन की। कोतवाली प्रभारी अंजन कुमार सिंह के मुताबिक तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फोरेंसिक टीम सुसाइड नोट की जांच कर रही है।

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आरोपी के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े परिजन
छाया की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मां अंजू समेत तीन बहनों अर्चना, सपना एवं करिश्मा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां एवं बहन उसके मंगेतर को दोषी ठहरा रही थीं। छाया की बड़ी बहन सपना ने बताया कि तीन-चार दिन पहले ही हर्ष ने अपनी गंदी तस्वीरें उसकी बहन को भेजी थी। इसके बाद से छाया गुमशुम रहने लगी थी। खाना भी वह नहीं खाती थी। पूरा दिन रोती रहती थी। समझाने का भी उसे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा था। उन लोगों ने हर्ष के परिवार से शिकायत की थी लेकिन, उन लोगों ने कहा कि शादी के बाद वह सुधर जाएगा। उसकी हरकतें नहीं सुधर रही थीं। छाया की मौत के बाद परिजन उसके खिलाफ कार्रवाई पर अड़ गए। पुलिस अफसरों के समझाने के बाद किसी तरह पोस्टमार्टम के लिए शव लेकर जाने देने के लिए राजी हुए।
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हर्ष बग्गन की सच्चाई मेरे फोन में है, प्लीज उसे सजा देना...
छाया के कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक नोटबुक में हाथ से लिखा सुसाइड नोट भी मिला। परिजनों ने इसकी हस्तलिपि छाया की बताई है। करीब 18 लाइन में रोमन लिपि में लिखे सुसाइड नोट में लिखा गया कि मैं आज मर रही हूं, हर्ष बग्गन की वजह से। हर्ष से मेरी शादी पक्की हो चुकी थी, फिर भी उसने दूसरी लड़कियों से संबंध रखे। उसने धोखा दिया मुझे। शराब पीकर हर रोज परेशान करता है। यह सब मैं झेल नहीं पा रही। मेरे मरने के बाद हर्ष को सजा मिले ताकि वो किसी और लड़की के साथ ऐसा न करे, जो उसने मेरे साथ किया। हर्ष बग्गन की सच्चाई मेरे फोन में है। प्लीज उसे सजा देना...।
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