झांसी। जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इस बार कें द्र सरकार ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग और राज्य सरकार पंचम वित्त आयोग के तहत अनुदान देगी। जिसके लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कामों की प्रस्तावित योजना में 20 फीसद अधिक काम शामिल करने के लिए कहा गया है।
केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग को लेकर पिछले साल ही तैयारी शुरू कर दी थी। ग्राम पंचायतों और राज्यों के प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार ने नई संस्तुतियों को मंजूरी दी है। पहले ग्राम पंचायतें 14वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाले अनुदान को मनमाने तरीके खर्च करती थीं। लेकिन नए 15वें वित्त आयोग में इसमें बदलाव कर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाले अनुदान को 50 फीसद अनटाइड फंड के तौर पर खर्च करना होगा। इसके तहत वेतन और अन्य व्यय के अलावा ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकता के अनुसार काम करा सकेंगीं।
वहीं 50 फीसद अनुदान टाइट फंड के तौर पर बुनियादी सेवाओं स्वच्छता, ओडीएफ की स्थिति के रखरखाव, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, वाटर ररसाइकिलिंग के रखरखाव पर खर्च करना होगा। इसे लेकर पंचायती राज निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि नए वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना में चतुर्थ राज्य वित्त और 14वें वित्त आयोग की अवशेष धनराशि के बराबर काम किए जाएंगे। वहीं नई कार्ययोजना में 20 फीसद अधिक कामों की बनाई जाएगी। निदेशक ने ग्राम पंचायतों में बैठक कराकर नई कार्ययोजना का अनुमोदन करने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ जगदीश राम गौतम ने बताया कि ग्राम पंचायतों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के आधार पर ही कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी।
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प्रवासी श्रमिकों को काम देने की तैयारी
ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक से कामों को कराने के पीछे सरकार का मकसद है कि गांव में लॉकडाउन के दौरान आए प्रवासी श्रमिकों को बड़ी संख्या में रोजगार मुहैया कराया जा सके। इसे लेकर ग्राम पंचायतों में अधिक कामों की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया जा रहा है।