टीबी अस्पताल में सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर के पद पर तैनात देवेंद्र व्यास कोरोना पॉजिटिव हैं। कोई गंभीर लक्षण नहीं होने की वजह से घर में ही आइसोलेट हैं। मगर वो आराम नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने घर को ही कंट्रोल रूम बना रखा है। उनके पास लगभग 200 टीबी रोगियों की जिम्मेदारी है।
कोरोना काल में टीबी रोगियों का इलाज प्रभावित न हो, इसलिए देवेंद्र दिनभर टीबी रोगियों को फोन करके दवाओं और इलाज के बारे में पूछताछ करते रहते हैं। मरीजों के लिए दवाओं की व्यवस्था भी करवाते हैं। चूंकि, इन दिनों टीबी अस्पताल को होम आइसालेशन का केंद्र बना रखा है, इसलिए दिनभर 100-125 लोगों का फोन भी उनके पास आता है।
वह अपने विभागीय स्टाफ से संपर्क कर उनकी मदद करते हैं। उनका कहना है कि संक्रमित होने का ये मतलब नहीं कि आराम से बैठ जाऊं। यह समय लोगों की मदद करने का है, इसलिए वह दिनभर जुटे रहते हैं।