देश के टॉप टेन स्वच्छ शहरों को टक्कर देती है झांसी की आबोहवा
झांसी। एक तरफ जहां प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर देश-दुनिया चिंतित है, वहीं झांसी की आबोहवा बाहर से आने वाले सैलानियों का काफी आकर्षित करती है। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) देश के टॉप टेन स्वच्छ शहरों को टक्कर देता है। रविवार को भी झांसी का एक्यूआई 100 के आसपास रहा। देश के प्रमुख दस शहरों की तुलना में झांसी छठवें पायदान पर ठहरा।
देश के कई बड़े महानगरों में प्रदूषण इस कदर हावी है कि लोगों का दम तक घुटने लगता है। थोड़ी दूर पर देखने पर साफ तस्वीर नजर नहीं आती है। प्रदूषण की वजह से लोगों को तमाम तरह की स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां भी हो जाती हैं। ऐसे में स्वच्छ वातावरण के मामले में झांसी काफी बेहतर स्थिति में है। यहां पर अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के आसपास रहता है। जबकि, कई बड़े महानगरों में ये 600 के पार पहुंच जाता है। सामान्य तौर पर झांसी का वायु गुणवत्ता सूचकांक सौ से सवा सौ के बीच में रहता है, जो कि ठीक स्थिति है। रविवार को भी झांसी का एक्यूआई 103 रहा। यदि देश के टॉप टेन स्वच्छ शहरों से झांसी की तुलना की जाए तो सूरत, विजयवाड़ा, अहमदाबाद, नई दिल्ली, चंद्रापुर इससे पीछे रहे। जबकि, इंदौर, नवी मुंबई, अंबिकापुर, मैसूर, खरगोन, झांसी से आगे रहे। यानी कि इन स्वच्छ शहरों की सूची में झांसी छठवें पायदान पर रहा।
एक दशक में एक लाख से ज्यादा लोग बाहर के बसे
झांसी की अच्छी आबोहवा बाहर के लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। इस कारण नौकरी-पेशा वाले बाहर से आने वाले कई लोग यहीं पर ही बस जाते हैं। शहरी परकोटे के बाहर बसी नई झांसी में दूसरे शहरों के लोगों के भी खूब मकान बने हुए हैं। पिछले एक दशक में एक लाख से ज्यादा लोग झांसी आकर बस गए हैं।
टॉप टेन शहरों का हाल
महानगर एक्यूआई
इंदौर 78
सूरत 115
नवी मुंबई 76
अंबिकापुर 99
मैसूर 58
विजयवाड़ा 108
अहमदाबाद 140
नई दिल्ली 157
चंद्रापुर 113
खरगोन 80
वर्जन..
झांसी का एक्यूआई काफी ठीक रहता है। ऐसे में यहां की हवा स्वच्छ होती है। अधिकतम एक्यूआई 200 तक पहुंच पाता है। - निरंजन शर्मा, जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।