झांसी। इस बार सरकार ने वाल्मीकि जयंती अनूठे अंदाज में मनाने की तैयारी की है। पहली बार प्रशासनिक अफसर 31 अक्तूबर को मंदिरों में वाल्मीकि जयंती पर रामायण का पाठ करेंगे और व्यवस्थाओं का जिम्मा संभालेंगे। मंदिरों में दीप भी जलाए जाएंगे। इस संबंध में संस्कृति विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर आयोजन की तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं।
हर साल विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा वाल्मीकि जयंती मनाई जाती है। लेकिन, इस बार प्रदेश सरकार की ओर से वाल्मीकि जयंती को लेकर अफसरों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत 31 अक्तूबर को वाल्मीकि जयंती पर अफसरों को वाल्मीकि रामायण का पाठ करना होगा। प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने निर्देश दिए हैं कि मंदिरों में आठ, 12 या 24 घंटे के रामायण पाठ का आयोजन किया जाए। मंदिरों में दीप भी जलाए जाएं।
आयोजन में कोविड नियमों का पालन करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क जैसे उपाय अनिवार्य रूप से अपनाने होंगे। अफसरों को ही आयोजन के लिए मंदिरों का चयन करना होगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। संस्कृति विभाग आयोजनों की मॉनीटरिंग करेगा। शासन के निर्देशों के बाद स्थानीय स्तर पर अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।