झांसी। बुंदेलखंड में पानी की कमी को देखते हुए यहां खास तौर से स्प्रिंकलर परियोजना को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई गई थी लेकिन, करीब 65 करोड़ से तैयार हो रही स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना समय से पूरी नहीं हो पा रही है। अभी सिर्फ 70 फीसदी काम ही पूरा हो सका जबकि डेडलाइन वर्ष 2020 में ही खत्म हो चुकी है। अब इस परियोजना को पूरा करने के लिए जून तक का समय दिया गया है।
स्प्रिंकलर से कम पानी में अधिक रकबे की सिंचाई हो सकती है। ऊंचे-नीचे भू-स्तर पर भी आसानी से पानी पहुंच सकता है। इस वजह से सरकार खास तौर से बुंदेलखंड में इसके माध्यम से सिंचाई पर जोर दे रही है। बुंदेलखंड पैकेज के जरिए वर्ष 2019 में शहजाद बांध स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना की शुरूआत हुई। पूरा प्रोजेक्ट करीब 65 करोड़ का था। पायलट प्रोजेक्ट में इसके जरिए 1740 हेक्टेयर भूमि तक पानी पहुंचना था। इसकी समय सीमा वर्ष 2020 तय की गई लेकिन यह काम अभी तक पूरा नहीं हो सका। यहां पंप हाउस समेत अन्य कई कार्य नहीं हो सके हैं। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि शुरूआत में परेशानी आई थी लेकिन अब काम तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इसके लिए जून माह की नई डेडलाइन तय की गई है। इसकी मदद से करीब पांच हजार किसानों को फायदा मिलना था। इसके प्रोजेक्ट के अलावा गुरसराय ब्लॉक में रोरा, बमनुआ, बकायन, बघौरा आदि के लिए 3800 हेक्टेयर में भी स्प्रिंकलर के जरिए सिंचाई परियोजना तैयार की जानी थी।
स्प्रिंकलर समेत प्रोजेक्ट में यह कार्य भी कराए जाने थे-
- राइजिंग मेन पाइप लाइन
- डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन
- सोलर पावर प्लांट
- विद्युत ग्रिड कनेक्शन कार्य
- पंप हाउस का निर्माण