झांसी। गर्मी शुरू होते ही तमाम बीमारियों का शिकार लोग होने लगे हैं। इन दिनों सबसे ज्यादा 20 प्रतिशत डायरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने पर मरीज चिकित्सीय परामर्श ले रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर बासी खाना और देर तक रखे कटे फल न खाने की सलाह दे रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट मरोड़ना, उल्टी आना, बुखार आना व कमजोरी लगना डायरिया के लक्षण हैं। डायरिया की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है। डिहाइड्रेशन की स्थिति में होंठ और मुंह सूखना, पेशाब कम होना आदि मुख्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखें तो तत्काल जांच व उपचार कराएं। इन दिनों डायरिया के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने पर मरीज ऑनलाइन या फिर चिकित्सक को फोन कर दवाइयां पूछ रहे हैं। ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दिन भर में ढाई से तीन लीटर पानी पीएं। हालांकि, कोई ह्रदय और किडनी का रोगी है तो ज्यादा पानी न पीए।
बचाव के लिए ये करें उपाये
- तेज धूप में जाने से पहले पानी पीएं।
- धूप में सिर ढककर निकलें।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- बासी खाना खाने से परहेज करें।
- स्वच्छ पानी का सेवन करें।
- अधिक तेलीय खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
- डायरिया होने पर नमक चीनी का घोल पिलाएं।
- कटे हुए फल व खुले में रखे खाद्य पदार्थ न खाएं।
डायरिया के मरीजों की संख्या में 20 फीसदी इजाफा हो गया है। डायरिया में पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने लगते हैं। ऐसे में बासा और देर तक रखे हुए कटे फल न खाएं। गंदा पानी कतई न पीएं। लक्षण होने पर चिकित्सीय सलाह लें। - डॉ. डीएस गुप्ता, वरिष्ठ फिजीशियन।
कोरोना में भी डायरिया होना एक लक्षण हैं। मगर गर्मी की वजह से डायरिया रोगी की संख्या 15 फीसदी से अधिक बढ़ गई है। डायरिया डिहाइड्रेशन की वजह से भी होता है। इसलिए ढाई-तीन लीटर पानी पीएं। देर तक रखा हुआ खाना खाने से बचें। - डॉ. राजीव जैन, फिजीशियन।