झांसी। महानगर में कूड़ा कलेक्शन के लिए वसूले जाने वाले यूजर चार्ज को लेकर पेंच फंस गया है। कूड़ा कलेक्शन के लिए चयनित की गई कंपनी ने बतौर यूजर चार्ज स्मार्ट सिटी से 165 रुपये की मांग की। वहीं स्मार्ट सिटी और नगर निगम के अधिकारियों ने केवल 125 रुपये देने की बात कही है। जबकि महानगर में अब तक बतौर यूजर चार्ज 40 रुपये लिए जा रहे थे। ऐसे में कू ड़ा कलेक्शन महंगा हो सकता है। हालांकि स्मार्ट सिटी के अधिकारी बोर्ड बैठक में दरें तय करने की बात कह रहे हैं।
महानगर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए स्मार्ट सिटी के अंतर्गत हुई टेंडर प्रक्रिया के तहत नोएडा की एजी एनवायरो कंपनी को जिम्मा सौंपा गया है। कंपनी ने महानगर में कूड़ा उठान को लेकर सर्वे का काम भी पूरा कर लिया है। स्मार्ट सिटी के तहत नए वाहन और कूड़ेदान की खरीद भी कर ली गई है। मगर कूड़ा कलेक्शन के लिए वसूले जाने वाले यूजर चार्र्ज को लेकर पेंच फंस गया है। बताया जाता है कि कंपनी ने स्मार्ट सिटी से 165 रुपये प्रति घर प्रतिमाह यूजर चार्ज की मांग की है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को यह काफी ज्यादा लगा, तो बातचीत के बाद कंपनी 125 रुपये पर तैयार हो गई। अब संकट है कि अब तक महानगर में कूड़ा कलेक्शन के लिए 40 रुपये लग रहे थे। ऐसे में अधिकारी मंथन कर रहे हैं कि 85 रुपये की भरपाई कैसे की जाए? बताया जा रहा है कि यूजर चार्ज का कुछ हिस्सा स्मार्ट सिटी के तहत दिया जाएगा, तो बाकी भाग लोगों से लिया जाएगा। ऐसे में यूजर चार्ज बढ़ना तय है। वहीं कंपनी 15 जून से काम शुरू कर देगी।
नगर निगम भी दे सकता है हिस्सा
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक यूजर चार्ज का बोझ स्मार्ट सिटी नहीं वहन कर पाएगी। क्योंकि स्मार्ट सिटी को शासन और केंद्र से विकास कार्य के लिए बजट मिलता है और स्मार्ट सिटी की आय का कोई साधन नहीं है। ऐसे में यूजर चार्ज का भुगतान करने के लिए कुछ हिस्सा नगर निगम से भी लिया जा सकता है। नगर निगम हर साल कूड़ा कलेक्शन पर पांच करोड़ रुपये खर्च करता रहा है।
सवा लाख स्थानों से लिया जाता था कूड़ा
महानगर में अब 60 वार्डों में कुल 126372 स्थानों से कूड़ा लिया जाता था। जिसमें 88337 भवन, 11558 दुकानें, 147 नर्सिंग होम, 175 गोदाम, 208 विवाहघर, 140 स्कूल, 272 व्यावसायिक भवन और 25535 अन्य भवन और स्थल हैं।
कंपनी ने यूजर चार्ज को लेकर प्रस्ताव दिया है। 125 रुपये पर बात तय हो गई है। अब जनता से कितना यूजर चार्ज लेना है, इसे लेकर स्मार्ट सिटी की बोर्ड बैठक में चर्चा की जाएगी। फिलहाल 15 जून से कंपनी काम करना शुरू कर देगी।
शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त