झांसी। हर रोज 9.28 लाख लीटर दूध का उत्पादन झांसी में हो रहा है। लेकिन अगर प्रति व्यक्ति दूध की मांग को जोड़ लें तो 11 लाख लीटर दूध की खपत है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर डेढ़ लाख लीटर दूध कहां से आ रहा है। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। लेकिन प्रयोगशाला में फेल होने वाले दूध के सैंपल साफ इशारा कर रहे हैं कि सफेद दूध का काला कारोबार हो रहा है। प्रयोगशाला से जारी रिपोर्ट को अगर देखेंगे तो पता चलेगा कि दूध में पानी के साथ डिटर्डेंट और जाने क्या क्या मिला रहे हैं।
अगर जनपद की आबादी की बात करें तो 22 लाख है। अगर प्रति व्यक्ति 500 ग्राम दूध की खपत मान ली जाए तो 11 लाख लीटर दूध रोज चाहिए। जबकि दुधारू पशुओं की संख्या 2 लाख दो हजार है। इनमें गाय और भैंस दोनों हैं। पशु चिकित्सकों की मानें तो एक गाय एक दिन में औसतन चार लीटर और भैंस एक दिन में औसतन पांच लीटर दूध देती है। इस हिसाब से एक दिन में जनपद में 9 लाख 28 हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर उत्पादन और मांग के बीच का जो अंतर है वह किस तरह पूरा किया जा रहा है।
दूध का हर तीसरा सैंपल हो रहा फेल
झांसी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो दूध का हर तीसरा सैंपल फेल हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक दूध में कतई जान नहीं बची है। पहले दूध की क्रीम निकाली जाती है और फिर पानी मिला रहे हैं। मिल्क पाउडर डालकर भी दूध को गाढ़ा किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। क्योंकि गर्मियों में दूध का उत्पादन कम हो जाता है लिहाजा मांग पूरी करने के लिए पानी की मिलावट बढ़ जाती है।
जनपद में इतने हैं दुधारू पशु
पशु संख्या एक पशु औसत उत्पादन लीटर में
गाय 82,000 4 लीटर 3,28,000
भैंस 1,20,000 5 लीटर 6,00,000
कुल 2,02,000 9 लीटर 9,28,000
पराग डेयरी आठ हजार लीटर कर रही खरीद
पराग डेयरी से जनपद के किसानों से 8 हजार लीटर की खरीद कर रहा है। यह दूध वह पैंकिंग करके जनपद या अन्य क्षेत्रों में भी भेजता है।
बलिनी डेयरी 30 हजार लीटर की खरीद कर रही
बलिनी डेयरी 30 हजार लीटर की खरीद कर रहा है। जिसमें 1500 लीटर वह जनपद में ही बेचता है। बाकी दूध बाहर मदर डेयरी में भेज देता है।
जनपद में दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मादा पशुओं की संख्या बढ़े और दूध का उत्पादन भी बढ़े। - डॉ. विवेक भारद्वाज, सीवीओ