बिजली यूनिट की दरों में 12 प्रतिशत तक की वृद्धि होने लोगों में मायूसी है। उनका कहना है कि अगर इसी तरह दाम बढ़ते रहे तो बिल भरना मुश्किल हो जाएगा। प्रदेश में बिजली 12 फीसदी तक महंगी हो गई है। महानगर के घरेलू उपभोक्ताओं को अब फिक्स चार्ज के रूप में 10 रुपये प्रति किलोवाट अतिरिक्त के साथ-साथ 50-60 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।
इसका लोगों ने विरोध किया है। लोगों का कहना है कि बिजली के दाम बढ़ने से इसका सीधा असर उनके जीवन पर पड़ेगा। वहीं, इस मामले में पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि सरकार आंख बंद करके बैठी है। बुंदेलखंड में कल कारखाने, उद्योग और न ही रोजगार के साधन हैं। इसके बाद भी बिजली के दामों में वृद्धि कर सरकार यहां के लोगों को नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर कर रही है। बिजली दर बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस जल्द ही उग्र आंदोलन करेगी। सरकार को हर हाल में इस बढ़ोतरी को वापस लेना होगा।
खातीबाबा निवासी पवन तिवारी का कहना है कि मेरा मानना है कि सरकार को एकदम 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए थी। इस बढ़ोतरी से मजदूर और प्राइवेट काम करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ना तय है।
क्षेत्र में रेस्टोरेंट संचालन कर रहे संतोष कुशवाहा का कहना है कि मेरा तो दुकानदारी करना मुश्किल हो गया है। पहले से ही दुकान के खर्चों को पूरा नहीं कर पा रहा हूं। बिजली के दाम बढ़ने परेशानी बढ़ना तय है। पेशे से व्यपारी अनय कुमार का कहा कि चाहे जितनी कम बिजली जलाओ, मगर इसके बाद भी दो से ढाई हजार रुपये बिल भरना पड़ रहा है। सरकार का यह गलत फैसला है।
क्षेत्र के दुकानदार सुरेंद्र कुमार ने कहा कि बिजली विभाग का हर नया नियम लोगों के लिए परेशानी बन रहा है। उपभोक्ता ही राजस्व जुटा रहे हैं और उनकी ही जेब ढीली की जा रही है।