झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे और सीटी स्कैन मशीन अब तक नहीं सुधर सकी है। इससे मरीजों को रियायती दरों पर जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में उन्हें निजी केंद्रों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन ने मशीन सुधरवाने के लिए संबंधित इंजीनियर बुलाए हैं, जो जांच में जुटे हैं।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मरीजों का काफी भार रहता है। यहां बुंदेलखंड के ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के आसपास के जनपदों के भी मरीज आते हैं। प्रदेश में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तब से भरपूर बजट दिया जा रहा है। चिकित्सालय में दवाओं की भरमार है। ऐसे में मरीजों की तादाद पहले से और बढ़ गई है। पिछले कुछ समय से कॉलेज में मरीजों को जांच का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दो सप्ताह से अधिक समय से सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे मशीन खराब पड़ी हुई है। सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन का एक पार्ट्स विदेश और एक अपने देश से ही मंगवाया गया। इनमें से एक खराब निकल गया। इसे बदलवाकर दूसरा मंगवाया जा रहा है। वहीं, सीटी स्कैन मशीन को सुधारने के लिए सोमवार को इंजीनियर आ गया है। मंगलवार तक सीटी स्कैन मशीन सुधर सकती है।
बॉक्स..
जांचों में काफी अंतर
जांच का नाम मेडिकल में निजी केंद्र में
डिजिटल एक्सरे 115 रुपये 250 रुपये
सादा सीटी स्कैन 600 रुपये 1800 या अधिक
स्पेशल सीटी स्कैन 1000 रुपये 2500 या अधिक