श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर किया स्वागत, पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की झलक पाने को रहे आतुर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरूआसागर। बागेश्वर धाम से 21 नवंबर से धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के बरूआसागर पहुंचने पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। वृहस्पतिवार को निवाड़ी से चलकर सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के आगमन को देखते हुए राजमार्ग के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों द्वारा सड़क किनारे घंटों प्रतीक्षा करने के बाद आई यात्रा का जय श्रीराम के उद्घोष के साथ स्वागत किया तथा महाराज जी की एक झलक पाने को आतुर दिखाई दिए।
बरुआसगर के राधा स्वामी आश्रम के बगल में बनाए गए कार्यक्रम स्थल पर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत की विविधता में सनातन धर्म की महिमा बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि आज हमें अपने बच्चों को अपनी संस्कृति, सनातन धर्म के संस्कारों की शिक्षा आवश्यक रूप से देने की जरूरत है। पीठाधीश्वर ने कहा कि भारत मे हिंदू जातियों में बट गया है। हम अगड़े-पिछड़े व दलित के चक्कर में पड़े हुए हैं और घटते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम में भी अनेक जातियां हैं लेकिन जब कोई उनके मजहब पर उंगली उठाता है तो वह केवल मुसलमान होते हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान समेत तमाम देशों में हिंदू आबादी घट गई है। वहां इन्हें मार दिया गया या जबरन धर्म परिवर्तन कर दिया गया।
धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से हमने सनातनी जात-पात की विदायी कर सभी हिंदू भाई भाई का नारा दिया है। उन्होंने कहा कि देश में अगर बहिन बेटियों, मंदिरों और अपने धर्म की रक्षा करनी है तो हम सभी को भी प्रत्येक मंगलवार, शनिवार को नियम से मंदिर जाना होगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा और हिंदुओं को जागृत करने के लिए भारत के संत मठ-मंदिरों से निकल रहे हैं। अब जो भी सनातन के खिलाफ बोलेगा उसे उसी भाषा में समझा जाएगा। उन्होंने कहा आज हमें अपने लिए नहीं बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए जागना होगा। हिंदू राष्ट्र कागजों में नहीं दिलो में होना चाहिए। उन्होंने पंडाल में मौजूद सभी लोगों को जात-पात से दूर रहने ओर सनातन धर्म की पताका फहराने की शपथ भी दिलाई। इस दौरान उन्होंने सामाजिक समरसता भोज भी किया।
खास बातें
बरूआसागर में यात्रा को 12 बजे आना था लेकिन यात्रा चार बजे पहुंची। पीठाधीश्वर के दर्शनों के लिए कार्यक्रम स्थल पर सुबह से श्रद्धालु जुटना शुरू हो गए थे और बेसब्री से इंतजार करते रहे। इस दौरान राष्ट्रीय सनातन सेना द्वारा भक्तों को भंडारे की व्यवस्था की गई।
पदयात्रा में भारी भीड़ का असामाजिक तत्वों, चोरों ने जमकर फायदा उठाया। कई लोगों के मोबाइल, पर्स, महिलाओं की गले की चेन व जेब काट दी गई। लगभग एक दर्जन से ज्यादा लोगों के मोबाइल, पर्स चोरी होने की जानकारी मिली है।
मऊरानीपुर से झांसी जाने वाले राजमार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की कतार लगी रही और यात्रा के दौरान पुष्प वर्षा कर स्वागत करते रहे। इस दौरान कार्यक्रम को अर्पित दास महाराज, हिंदू सत्यनाथ, ज्योतिषाचार्य दीपेंद्र अरजरिया, हनुमान गढ़ी अयोध्या के संत राजूदास महाराज ने संबोधित किया। बाहर से आए कवि गीतकारों ने श्रद्धालुओं को बांधे रखा।
इसके अलावा नोटक्षीर पेट्रोल पंप के पास सांसद अनुराग शर्मा की टीम द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया। जेसीबी से कार्यकर्ताओं द्वारा फूल बरसाए गए।