झांसी। पुलिस अपर महानिदेशक (कारागार) देवेंद्र सिंह चौहान ने मंगलवार को जिला कारागार का मुआयना किया, जहां उन्हें अव्यवस्थाएं मिलीं। जेल के अस्पताल से डाक्टर नदारद मिले, जिसका एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिया। एक कैदी ने जेलर के खिलाफ घर से आए रुपये में से कमीशन न देने पर मारपीट की शिकायत की। इसे अपर महानिदेशक ने गंभीरता से लिया और मामले की जांच डीआईजी स्तर के अधिकारी कराने के आदेश दिए।
दोपहर में एसएसपी मनोज तिवारी के साथ अपर महानिदेशक जिला कारागार पहुंचे। उनके आदेश पर संवेदनशील कैदियों की तलाशी ली गई मगर कुछ नहीं मिला। पाकशाला (रसोई) को भी चेक किया गया। उन्होंने कैदियों से जेल की समस्याओं के बारे में पूछा। कैदियों ने पेयजल समस्या के बारे में बताया, जिस पर माह के अंत तक आरओ प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए।
पांच कैदियों ने उपचार के लिए मेडिकल कालेज जाने में होने वाली दिक्कत के बारे में बताया। कहा कि उन्हें गंभीर रोगों के इलाज के लिए समय पर मेडिकल कालेज नहीं ले जाया जाता, इससे दिक्कत बढ़ जाती है। इस पर एसएसपी ने समाधान का आश्वासन दिया। दो बंदियों ने पारिवारिक समस्या के चलते पैरोल का अनुरोध किया। इस पर जेल प्रशासन को 24 घंटे के पेरौल का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजने के आदेश दिए।
विगत दिनों कोर्ट में पेशी से लौटने के बाद कचहरी की हवालात में हेयर डाई पाने वाले राहुल शर्मा ने अपर महानिदेशक को बताया कि वह पृथ्वीपुर का रहने वाला है। मिलाई के समय मां ने वकील को देने के लिए 10 हजार रुपये दिए थे, जो उसने जेलर के पास रख दिए। जब उसने रुपये मांगे तो जेलर ने नौ हजार रुपये ही दिए। एक हजार और मांगने पर कहा कि ये रुपये कमीशन के हैं। इसका विरोध करने पर जेल के अंदर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इससे उसके शरीर पर गंभीर चोट आई।
उसने चोट के निशान भी दिखाए। मामले की गंभीरता को देखकर अपर महानिदेशक ने डीआईजी स्तर के अधिकारी से जांच करवाकर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। इसके बाद उन्होंने जेल के अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां डाक्टर नदारद मिले। उनका एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए।
कंपाउंडर की अस्पताल में तैनाती नहीं होने पर सीएमओ को पत्र लिखकर कंपाउंडर की स्थायी रूप से तैनाती करवाने के आदेश दिए। इस दौरान एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सीओ सिटी कल्याण सिंह, जेल अधीक्षक अवधेश कुमार मिश्रा आदि मौजूद थे।
माह के अंत से सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए
जिला कारागार में निरुद्ध कैदियों की कोर्ट में सुनवाई जून माह के अंत तक वीडियो कांफ्रेंसिंग से माध्यम से होगी। इसकी सारी व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया है।
ये बात प्रेसवार्ता में पुलिस अपर महानिदेशक (कारागार) देवेंद्र सिंह चौहान ने कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 68 जेल और 75 न्यायालय में 15 अगस्त तक वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी, जिसको लेकर तेज गति से काम किया जा रहा है। झांसी जिले में काम लगभग पूरा हो चुक।
जून माह के अंत तक कैदियों की कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी करवाई जाएगी। इससे अनावश्यक व्यय और मैन पावर की बचत होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 11 संवेदनशील जेलों में जैमर लगाए जा रहे हैं। तीन माह के अंदर ई मुलाकात की सुविधा शुरू की जाएगी, जिसके तहत मुलाकाती घर बैठे जेल में निरुद्ध कैदी से मुलाकात व बातचीत कर सकेंगे।