खुशीपुरा स्थित टीचर कालोनी निवासी आटो चालक आत्माराम वर्मा का आरोप है कि उनके पुत्र विवेक को पकड़ने आई पुलिस ने उनके घर जमकर उत्पात किया। तोड़फोड़ की और विधायक रवि शर्मा के साथ विवेक की तस्वीर टंगी देख उसे भी जमीन पर पटककर पैरों से कुचला। बहन के हाथ से मोेबाइल झपट लिया और उसकी मार्कशीट तक छीन ले गए। पुलिस की इस हरकत की जानकारी विवेक को हुई तो वह दहशत में आ गया और फांसी लगा ली। जबकि, घटना के बाद यह बात भी सामने आई कि मारपीट छेड़छाड़ को लेकर हुई थी, जिसमें विवेक का कोई लेना देना नहीं था।
नवाबाद थाना क्षेत्र के खुशीपुरा में रहने वाले आत्माराम की दो बेटियां और दो बेटे हैं। विवेक घर में ही दोना और पत्तल बनाने का काम करता था। सदर बाजार थाना पुलिस ने ऐबट मार्केट के पास स्थित पार्क में मंगलवार की रात दो पक्षों में हुई मारपीट के मामले में सत्येंद्र, विवेक, इरफान और महमूद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। आत्माराम ने बताया कि बृहस्पतिवार को नवाबाद और सदर बाजार थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से विवेक को पकड़ने के लिए दो बार उसके घर में दबिश दी। हर कमरे की तलाशी के दौरान सामान की तोड़फोड़ की। दरवाजे तोड़ डाले। कुर्सी-मेज पलट दीं। पानी भरने के बर्तन तक तोड़ दिए। विधायक के साथ विवेक की तस्वीर को भी जमीन पर पटककर पैरों से रौंदा। जाते- जाते पुलिस ने चेताया कि अगर विवेक थाने नहीं पहुंचा तो परिणाम इससे बुरे होंगे। घर आने पर विवेक को जब पुलिस की कार्रवाई का पता लगा तो वह बुरी तरह डर गया। डर कर उसने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। शाम छह बजे के करीब परिजनों ने उसका शव रस्सी पर लटका देखा। सूचना पर पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज भेज दिया।
इधर, घटना से गुस्साएं परिजन और बड़ी संख्या मुहल्ले वाले एसएसपी के न होने के कारण एसपी (देहात) कार्यालय पहुंच गए। कुछ देर में एसपी (देहात) कुलदीप नारायण अन्य अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय पहुंच गए। सदर विधायक रवि शर्मा और अन्य थाने की पुलिस भी आ गई। इस दौरान पीड़ित परिवार ने विवेक की मौत के लिए सदर बाजार और नवाबाद पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों थानेदारों और पुलिस जवानों को निलंबित कर थाने से हटाने की मांग की। मुहल्ले वालों ने बताया कि ऐबट मार्केट के पास स्थित पार्क में अराजक तत्वों का जमावड़ा रहता है। मनचले युवतियों से छेड़छाड़ की कोशिश करते हैं। इस बात को लेकर पहले ही पार्क में विवाद हो चुका है। आठ अगस्त की शाम भी विवाद का यही कारण था, लेकिन पुलिस ने एक पक्ष के ही चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। उसमें विवेक का नाम भी शामिल था। जबकि, विवेक मौके पर था ही नहीं। इस बात का समर्थन सदर विधायक ने भी किया। इस पर एसपी (देहात) कुलदीप नारायण ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पहले कार्रवाई, फिर होगा अंतिम संस्कार
पुलिस अधिकारियों से वार्ता के दौरान क्षेत्रीय पार्षद बृजबिहारी राय ने कहा कि विवेक का अंतिम संस्कार तभी होगा, जब संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो जाएगी।
नहीं की तोड़फोड़
विवेक के खिलाफ एफआईआर जरूर दर्ज की है, लेकिन उसके घर न तो दबिश दी और न ही तोड़फोड़। उसके परिजन बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। जांच में सब साफ हो जाएगा।
जय प्रसाद
थाना प्रभारी, सदर बाजार