झांसी। टीकमगढ़ के पलेरा में तीन दिन पूर्व मारुति कार के अंदर पड़े मिले अज्ञात शव की शिनाख्त सुपारी किलर भागीरथ कुशवाहा के रूप में हुई है। उसकी गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को जलाने का प्रयास किया गया था। हत्यारों की तलाश में मध्यप्रदेश पुलिस ने शहर में डेरा डाल दिया है।
टीकमगढ़ के निवाड़ी थाना प्रभारी विनय शुक्ला ने बताया कि पलेरा में मारुति कार के अंदर करीब 30 वर्षीय युवक का शव मिला था। युवक की गोली मार कर हत्या कर शव को जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया गया था। पलेरा थाना पुलिस ने शव और कार कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
बाद में उच्चाधिकारियों ने हत्याकांड के खुलासे की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी। उन्होंने कार कब्जे में लेकर उसके स्वामी के बारे में पता किया। खुलासा हुआ कि कार स्वामी झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र का निवासी है। उन्होंने मोबाइल टावर के नंबरों को डंप किया तो झांसी के ही कई संदिग्ध नंबर पुलिस के हाथ लगे। जांच में पता चला कि नवाबाद थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में एक वर्ग के दो पक्षों के बीच रंजिश चल रही है, जिसमें दोनों पक्ष से एक-एक व्यक्ति की हत्या हो चुकी है।
लगभग छह माह पूर्व हुई हत्या में पांच लोगों को नामजद कराया गया था। सुरागकशी करने पर पता चला कि हत्या पांच लाख रुपये की सुपारी लेकर भागीरथ कुशवाहा ने एक साथी के साथ की थी। इसी रंजिश में प्लानिंग के तहत कुछ लोग भागीरथ को कार में ले गए।
रास्ते में सुनसान स्थान पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और शिनाख्त छिपाने के लिए कार के अंदर ही शव को जलाने का प्रयास किया। मगर तब तक पलेरा थाना पुलिस को सूचना मिल गई। पुलिस ने आग बुझाकर शव कब्जे में ले लिया।
उन्होंने बताया कि सुपारी किलर भागीरथ की हत्या करने वालों के बारे में पुख्ता सुराग हाथ लग गए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए मध्यप्रदेश के कई थानों की पुलिस ने झांसी में डेरा जमा लिया है। उम्मीद है कि जल्द ही हत्यारोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। पुलिस के अनुसार भागीरथ के ऊपर लूट, हत्या, डकैती, चोरी, राहजनी, छिनैती के कई जिलों में 50 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
नवाबाद थाना प्रभारी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि पलेरा में मिली कार का स्वामी तीन दिन पूर्व रात के समय थाने आया था। उसने बताया कि उसकी कार चोरी हो गई है। जब उससे कार के खड़े होने के स्थान के बारे में पूछताछ की गई तो वह हड़बड़ा गया। मामला संदिग्ध नजर आने पर चौकी इंचार्ज को शिकायती पत्र जांच के लिए सौंप दिया गया।
सुपारी किलर भागीरथ कुशवाहा पुत्र रामगोपाल के रहने का कोई ठिकाना तय नहीं था। वह लंबे समय तक कभी एक जगह टिक कर नहीं रहा। यही कारण रहा कि कभी वह कोतवाली के उन्नाव गेट तो कभी प्रेमनगर के नगरा व पुलिया नंबर नौ और कभी नवाबाद थाना क्षेत्र में रहा। पिता की मौत के बाद से वह आपराधिक प्रवृत्ति का हो गया था, जिसकी वजह से मां शांति देवी ने उससे करीब 15 वर्ष पूर्व नाता तोड़ दिया था। वह उन्नाव गेट पर किराए के मकान पर रहती हैं।
पलेरा में मिला शव सुपारी किलर के होने की वैज्ञानिक पुष्टि करने के लिए पुलिस टीम मंगलवार की रात को शांति देवी को डीएनए टेस्ट कराने के लिए अपने साथ ले गई है। बुधवार को उनके खून का सैंपल लिया जाएगा।