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पुलिस को चकमा देकर लेखराज ने किया आत्मसमर्पण
- कड़ी सुरक्षा के बीच मुंसिफ मजिस्ट्रेट गरौठा की न्यायालय से भेजा जेल
- कोर्ट परिसर के बाहर कई थानों का फोर्स रहा मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
गरौठा/झांसी।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख और वांछित अपराधी लेखराज सिंह यादव ने पुलिस को चकमा देकर बुधवार को गरौठा के मुंसिफ मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। यहां से कड़ी सुरक्षा के बीच उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कोर्ट के बाहर कई थानों का फोर्स तैनात रहा।
रानीपुर नगर पंचायत में भाजपा के पार्षद प्रदीप कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया था कि 27 मार्च को रानीपुर बस स्टैंड से दो व्यक्ति जबरन उसे पूर्व ब्लॉक प्रमुख लेेखराज सिंह के पास ले गए थे। यहां लेखराज सिंह यादव, उसके पुत्र रानीपुर चेयरमैन भगत सिंह यादव, जयहिंद सिंह व सिरधरपुर मोहल्ला निवासी वहीद मौजूद थे। चेयरमैन भगतसिंह, जय हिन्द सिंह, वहीद सिंह ने बंदूक तानकर गाली गलौज की और पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सभी की तलाश शुरू कर दी थी। इसके बाद तत्कालीन मऊरानीपुर इंस्पेक्टर सुनीत सिंह और लेखराज सिंह यादव के बीच एनकाउंटर डील का ऑडियो वायरल होने के बाद खलबली मच गई थी। ऑडियो वायरल होने के बाद इंस्पेक्टर पर कार्रवाई कर बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस लेखराज व उसके साथियों को दबोचने के लिए लगातार दबिश दे रही थी।
बुधवार सुबह लेखराज कई लोगों के साथ गरौठा के मुंसिफ मजिस्ट्रेट के न्यायालय पहुंचा और आत्मसमर्पण कर जमानत का प्रार्थनापत्र अधिवक्ता के माध्यम से दिया। न्यायालय पहुंचते ही मुंसिफ मजिस्ट्रेट ने लेखराज को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। इसकी खबर मिलते ही गरौठा, मऊरानीपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। लेखराज तीन घंटे चालीस मिनट तक न्यायालय में रहा। न्यायालय ने उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मऊरानीपुर कोतवाली प्रभारी केके पांडेय, गरौठा थाना प्रभारी प्रेमचंद्र और रानीपुर पुलिस चौकी इंचार्ज ओपी सिंह भारी पुलिस बल के साथ उसे जेल ले गए।
कई दिनों से चल रहा था प्रयास
आत्मसमर्पण करने के लिए लेखराज कई दिनों से प्रयासरत था। बताया गया है कि आत्मसमर्पण पहले सोमवार को होना थी, लेकिन कुछ अड़चन के चलते ऐसा नहीं हो सका। बुधवार सुबह जैसे ही लेखराज न्यायालय परिसर में पहुंचा, तो पहले से ही उसके साथी काफी संख्या में उसके आसपास नजर आ रहे थे।
मऊरानीपुर की थीं चर्चाएं
पहले मऊरानीपुर में लेखराज के आत्मसमर्पण करने की चर्चाएं थीं। लेकिन, एकाएक गरौठा में आत्मसमर्पण कर उसने सबको चौंका दिया। बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय से दूरी अधिक होने की वजह से लेखराज ने गरौठा में आत्मसमर्पण करना बेहतर समझा।
खुफिया तंत्र नाकाम
लेखराज को मुस्तैदी से तलाशने के पुलिस के दावे बुधवार को उस समय हवा हो गए, जब वह दिन दहाड़े न्यायालय परिसर में पहुंच गया। पुलिस के खुफिया तंत्र को इसकी भनक भी नहीं लग पाई। आत्मसमर्पण के बाद लेखराज ने पुलिस पर एनकाउंटर की साजिश रचने का आरोप लगाया। वहीं, लेखराज के आत्मसमर्पण में सपा के एक नेता की अहम भूमिका भी बताई जा रही है।
सही जगह पहुंच गया अपराधी
अपराधी की सही जगह जेल होती है। लेखराज अपने सही ठिकाने पर पहुंच गया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दहशत से उसने आत्मसमर्पण किया है।
- विनोद कुमार सिंह, एसएसपी