जेल से रिहा किए गए आंदोलनकारी
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई पार्क से गिरफ्तार कर जेल भेज गए तेरह आंदोलनकारियों को रिहा कर दिया गया। जेल के बाहर समर्थकों ने फूल माला पहनाकर सभी का स्वागत किया। इसके बाद सभी ने जेल से गांधी पार्क तक जुलूस निकाला। अनशन पर बैठे तारा पाटकर और बृजेश बादल को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया।
बुंदेलखंड की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को पार्क से गिरफ्तार कर जेल भेजे गए बुंदेलखंड क्रांति दल के अध्यक्ष कुंवर सत्येंद्र पाल सिंह, बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय, केंद्रीय महासचिव दिनेश भार्गव, बुंदेलखंड इंसाफ सेना के अध्यक्ष एएस नोमानी, अमित पटेल, शंकर तिवारी, अरविंद बादल, हरीहर पाठक, जितेंद्र तिवारी, विजित कपूर, प्रदीप नाथ झा, भीम और सत्येंद्र पटेल को रिहा कर दिया गया। इसके बाद सभा मेें केंद्रीय अध्यक्ष कुंवर सत्येंद्र पाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने आंदोलनकारियों से डरकर उन्हें गिरफ्तार कराने का काम किया है। जिला प्रशासन ने अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध लगाने का काम किया है। प्रधानमंत्री बुंदेलखंड की जनता से किया गया वादा निभाएं और बुंदेलखंड राज्य के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करें। अध्यक्ष भानू सहाय ने कहा कि बुंदेलख्ंाड के किसानों, नौजवानों व छात्रों की आवाज को अब रोका नहीं जा सकता है। अब आंदोलन और भी ताकत के साथ होगा।
इस मौके पर अज्जू खान, महानगर अध्यक्ष नईम मंसूरी, शरद प्रताप सिंह, डा. सुनील तिवारी, राजेंद्र शर्मा, मोहम्मद आरिफ कमाल, अभय सिंह कुशवाहा, जगदीश विश्वकर्मा, शिवशंकर तिवारी, अनवार अहमद मंसूरी मौजूद रहे।