झांसी। नगर निगम दस्ते ने मंगलवार को लक्ष्मी ताल के पास निगम की जमीन पर बने चार पक्के मकान ध्वस्त कर दिए। इस दौरान दस्ते को विरोध भी झेलना पड़ा। पुलिस की मदद से विरोध करने वालों को खदेड़ा गया। करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान दस्ते ने वहां के सभी अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए। दस्ते ने कुल 16 हजार स्क्वायर फीट जगह खाली कराई है।
सुबह करीब साढ़े दस बजे अपर नगर आयुक्त शादाब असलम एवं प्रवर्तन दल प्रभारी एनएन वाजपेई की अगुवाई में नगर निगम दस्ता लक्ष्मी ताल पहुंच गया। दस्ते के साथ भारी पुलिस बल के साथ ही दो गाड़ी पीएसी भी मौजूद थी। भारी पुलिस बल एवं जेसीबी देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने कार्रवाई रोकने की कोशिश की। निगम अफसरों ने उनको समझा-बुझाकर शांत कराया। घर के अंदर से कुछ लोग निकल नहीं रहे थे। उनको पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया। पूरे इलाके को खाली कराने के बाद निगम की जेसीबी ने वहां बने पक्के मकान ध्वस्त करने शुरू किए। यहां नगर निगम की ओर से धोबी घाट बनवाया था। अतिक्रमण करने वालों ने इस जगह को कब्जा करके यहां बाकायदा कमरे बनवा लिए थे। वहां मछली पालन भी होने लगा। आधा दर्जन से अधिक परिवार यहां पिछले करीब एक दशक से रह रहे थे। करीब तीन घंटे तक चले अभियान के दौरान दस्ते ने पूरा निर्माण ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। किसी को भी भीतर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके में पीएसी को तैनात किया गया था। प्रभारी अधिकारी शादाब असलम के मुताबिक अवैध कब्जेधारकों को जगह खाली करने के लिए तीन महीने पहले नोटिस दी जा चुकी। सोमवार को भी दोबारा नोटिस दी गई थी। कार्रवाई के दौरान सीओ सिटी राजेश राय, कोतवाली इंस्पेक्टर देवेश शुक्ला, संपत्ति सुपरवाइजर सुदेश सिंह समेत भारी मात्रा में पुलिस बल एवं निगमकर्मी मौजूद रहे।