झांसी। कोरोना वायरस का कहर अभी भी कम नहीं हुआ है। एक महीने में जिले में 1,133 मरीज कोरोना के संक्रमण के शिकार हुए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा सितंबर के मुकाबले कम है, लेकिन हालात को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। नवंबर में मौत के आंकड़े में भी कमी आई।
जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला 27 अप्रैल को सामने आया था। इसके बाद इक्का-दुक्का मरीज मिलते रहे और मई माह तक जिले में संक्रमितों की संख्या 42 तक सिमटी रही और पांच संक्रमितों की मौत हुई। जून की समाप्ति तक सिर्फ 193 लोगों में ही इस महामारी की जकड़न पाई गई थी। वहीं, मौत का आंकड़ा 18 पर था। लेकिन, जुलाई में अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के साथ इस महामारी ने जिले में तेजी से अपने पैर फैलाये। जुलाई की समाप्ति तक संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,219 पर पहुंच गई थी और मौत का आंकड़ा 66 पर जा पहुंचा था। अगस्त में भी ये महामारी अपनी रफ्तार से लोगों को अपनी चपेट में लेती रही। अगस्त माह में जिले में संक्रमितों की संख्या 4,468 पर पहुंच गई थी और मौत के आंकड़ों ने 99 का अंक छू लिया था।
इसके बाद सितंबर माह में तो कोरोना संक्रमण महानगर में बेकाबू होता नजर आया। सितंबर माह में 2,804 नए मरीज सामने आए और 56 संक्रमितों ने जान गंवाई। अक्तूबर में त्योहारी सीजन शुरू हुआ और एक महीने में करीब 1129 नए मरीज मिले और आंकड़ा 8401 पर पहुंच गया। इस महीने में 11 लोगों की मौत भी हो गई। नवंबर में भी कोरोना संक्रमण के 1133 मामले सामने आए। जबकि पांच लोगों की मौत हुई। जिले में अब तक 9534 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 171 लोगों की मौत हो गई है। मौजूदा दौर में कोरोना गाइड लाइन का पालन न करना बेहद भारी पड़ सकता है। सोमवार को जिले में 17 नए संक्रमित मिले। जबकि 22 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया।
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सुधार का आंकड़ा भी बढ़ा
झांसी। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण को मात देने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अब तक 8995 लोग महामारी से आजाद होकर घर जा चुके हैं। जबकि मौजूदा दौर में 368 ही मरीज सक्रिय हैं। 1446 मरीजों का होम आइसोलेशन पूरा हो गया है। रविवार को 13 मरीजों का होम आइसोलेशन पूरा हुआ। 83 मरीजों को छोड़ बाकी सभी सूक्ष्म या बगैर लक्षण वाले रोगी हैं। कोरोना से मरने वालों की दर 1.7 प्रतिशत है। जबकि सुधार की दर 94.34 प्रतिशत है।