झांसी। कामर्शियल कोर्ट (वाणिज्यिक न्यायालय) की स्थापना जल्द ही होगी। इसके लिए महानगर में भवन की तलाश शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर या आसपास ही भवन तलाशने को कहा है। इस कोर्ट के खुलने पर सीजीएसटी (केंद्रीय गुड्स एंड सर्विस टैक्स) और एसजीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स) से जुड़े सभी तरह के व्यापारिक विवादित मामलों को एक जगह निपटारा हो सकेगा। यहां पर केंद्र और राज्य के अधिकारी साथ में बैठकर विवादित मामलों की सुनवाई करेंगे। इसका बुंदेलखंड के सातों जिलों के व्यापारियों को लाभ मिल सकेगा।
एक जुलाई 2018 से जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारी द्वारा दिए जाने वाला टैक्स दो हिस्सों में बंट रहा है। इनमें एक हिस्सा राज्य और एक केंद्र को मिल रहा है। चूंकि, अभी तक राज्य को ही पूरा टैक्स मिलता था, इस कारण सभी तरह के विवादित मामलों को विभाग के ही न्यायालय में निपटा लिया जाता था। मगर, अब केंद्र का भी हस्तक्षेप शुरू हो गया है। इस कारण प्रदेश सरकार ने तेरह जगह वाणिज्यिक अदालत खोलने का निर्णय लिया था। इसमें एक झांसी महानगर में खुलनी है। इस अदालत में केंद्र और राज्य के अधिकारी साथ-साथ सुनवाई करेंगे। हालांकि, यह व्यवस्था वर्तमान में काम करने वाली मेंबर ट्रिब्यूनल न्यायालय की जगह लेगी। वाणिज्यिक अदालत का प्रयास रहेगा कि विवादित मामलों को सेटलमेंट के जरिये निपटा लिया जाए, ताकि व्यापारी को आगे की कोर्ट में अपील करने की जरूरत न रहे।
इस कोर्ट की स्थापना के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने तहसीलदार को पत्र लिखकर कलेक्ट्रेट परिसर या आसपास सरकारी अथवा गैर सरकारी भवन तलाशने को कहा है। तहसीलदार राकेश कुमार ने बताया कि कामर्शियल कोर्ट के लिए कलेक्ट्रेट के पास एक निजी भवन चिह्नित कर लिया गया है। जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
अभी ये है व्यवस्था
वाणिज्यकर विभाग में व्यापारी अभी व्यापार से जुड़े विवादित मामलों की दो तरह से अपील कर सकते हैं। पहली अपील एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू और दूसरी अपील सदस्य अधिकरण (मेंबर ट्रिब्यूनल) के पास की जा सकती है। मेंबर ट्रिब्यूलन के पद पर हाईकोर्ट से नामित या विभाग के ही अधिकारी तैनात रहते हैं। तीन लाख रुपये से अधिक बड़े मामलों को न्यायिक और विभाग दोनों के अधिकारी देखते हैं। अगर, इसके बाद भी व्यापारी न्याय से संतुष्ट नहीं हुए तो वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।
यहां के व्यापारियों को मिलेगा लाभ
झांसी में लगने वाली वाणिज्यिक अदालत में झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट समेत नौ जिलों के व्यापारी लाभ ले सकेंगे। अभी वाणिज्यकर झांसी जोन के सात जिलों में 31 हजार पंजीकृत व्यापारी हैं।