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सर्दियों में बच्चों में कोल्ड डायरिया का कहर, 20 फीसदी मरीज बढ़े

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झांसी। सर्दी के सीजन में बच्चों में कोल्ड डायरिया कहर बरपाने लगा है। पिछले एक सप्ताह में ही इस बीमारी के 20 फीसदी मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। संक्रामक बीमारी होने के कारण डॉक्टर बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थान पर बच्चों को न ले जाने की सलाह दे रहे हैं।
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मौसम में बदलाव के कारण नमी बन जाती है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके दायरे में आने से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। ऐसे बच्चों को ठंड से बचाना चाहिए। कोल्ड डायरिया में लूज मोशन, भूख न लगना, कंपकंपी लगना, बॉडी में पानी की कमी के साथ पैरों में ऐंठन, दिन भर सुस्ती बनी रहना, पेट में दर्द आदि की समस्याएं बढ़ जाती हैं। वहीं, अधिक ठंड में निमोनिया की भी समस्या काफी बढ़ जाती है। लंग्स में संक्रमण और लगातार खांसी आना, सीने में खड़खड़ाहट की आवाज आना और सांस तेज चलना, चेहरा नीला पड़ना, पसली चलना व कमजोरी और लगातार बुखार बना रहता। ऐसा होने पर तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। मौजूदा समय में कोल्ड डायरिया तेजी से बच्चों को अपना शिकार बना रहा है।
ये रखें ध्यान
- संक्रामक रोग है, बच्चों को भीड़ से बचाएं।
- उल्टी, दस्त पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
- उबला हुआ पानी का इस्तेमाल करें।
- मां के दूध के साथ बच्चे को ऊपरी आहार दें।
इन दिनों बच्चों में कोल्ड डायरिया काफी बढ़ा हुआ है। दस दिनों में ही इस बीमार के 20 फीसदी मरीज बढ़े गए हैं। यह संक्रामक रोग है, ऐसे में परिजनों को बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थान में ले जाने से बचना चाहिए। सबसे पहले उल्टियां शुरू होती हैं फिर पानी की तरह दस्त और बुखार आने लगता है। ऐसा होने पर परिजन चिकित्सीय परामर्श लें। साथ ही उबला पानी, ओआरएस का घोल देते रहें।
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- डॉ. आराधना कनकने, बाल रोग विशेषज्ञ।
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