झांसी। ललितपुर के पाली थाने में किशोरी के साथ थानाध्यक्ष द्वारा की गई दरिंदगी का मामला प्रदेश भर में गूंजा है। मुख्यमंत्री भी इसे लेकर नाराज दिखे। समीक्षा बैठक में ललितपुर के अधिकारी ही निशाने पर थे। सीएम ने अफसरों से कहा कि आंखें बंद करके मत बैठे रहिए। जो जिम्मेदारी दी गई है उसे निभाइए। नहीं निभा पा रहे हैं तो बता दीजिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने में दरिंदगी के मामले में कार्रवाई देरी से हुई। महिला को निर्वस्त्र कर पीटने वाले पुलिस वालों पर भी एक्शन तब हुआ लखनऊ से आदेश आया। अगर अफसर पहले ही कार्रवाई कर लेते तो इस तरह हालात न बिगड़ते।
ललितपुर के पाली थाने में दुष्कर्म पीड़िता के साथ थानाध्यक्ष ने दरिंदगी की थी। इस मुद्दे पर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव भी ललितपुर पहुंचे थे। कांग्रेस और बसपा का प्रतिनिधि मंडल भी ललितपुर गया था। आज जब मुख्यमंत्री झांसी पहुंचे तो समीक्षा बैठक में सबसे पहले ललितपुर की दोनों घटनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ललितपुर के पुलिस कप्तान से कहा कि एक महिला को निर्वस्त्र कर पुलिस वाले पीटते हैं लेकिन आप कार्रवाई नहीं करते। जब शासन से आदेश होता तो निलंबन की कार्रवाई की जाती है। पीड़ित किशोरी की मां अफसरों से मदद की गुहार लगा रही थी मगर हम लोग एक दूसरे पर टालने में लगे रहे। अगर पहले ही दिन कार्रवाई हो जाती तो आज यह स्थिति न बनती। मुख्यमंत्री ने डीआईजी जोगेंद्र कुमार से पूरे घटनाक्रम और अब तक की कार्रवाई के बारे में पूछा।