छोटी सी उम्र में झांसी को बड़ी शोहरत दिला रही लगन
झांसी। ‘कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों...’ कवि दुष्यंत की यह कविता झांसी शहर की अनमोल प्रतिभा लगन लाक्षाकार पर बिल्कुल सटीक बैठती है। महज 13 साल की इस बच्ची ने इतनी कम उम्र में जिस तरह से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है वह काबिल-ए-तारीफ है। लगन का परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है लेकिन फिर भी अपनी प्रतिभा के बल पर वह अलग-अलग रार्ष्टीय, राज्य व जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में 21 गोल्ड मेडल जीतकर देश और अपने जिले का मान बढ़ा रही हैं। इस वक्त जब देश कोरोना काल से गुजर रहा है, तब लगन लोगों को बीमारी से लड़ने और सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित कर रही हैं। लगन अभी झांसी जनपद में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेस्डर हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर व अति पिछड़ा वर्ग की लगन के पिता अरविंद कुमार योग शिक्षक हैं। लोगों को योग सिखाकर जो भी फीस मिल पाती है उसी से उनका परिवार चलता है। यूं तो उनका परिवार मूल रूप से उरई का रहने वाला है, लेकिन इन दिनों लगन माता-पिता के साथ नंदनपुरा आवास विकास में रह रही हैं। वह अपनी माता कोमल और पिता की इकलौती संतान हैं। स्कूल में कक्षा सात की इस छात्रा के बड़े-बड़े सपने हैं, जिसे पूरा करने के लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कोरोना काल में भी उनकी प्रैक्टिस जारी है।
18 मार्च 2018 को लगन ने बैंकॉक में कुनेडो मार्शल आर्ट में पहला गोल्ड मेडल जीता था। बहुमुखी प्रतिभा की धनी लगन ने बैंकॉक और उज्बेकिस्तान से तीन गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर देश व जिले का मान बढ़ाया। लगन तमाम रार्ष्टीय, राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय योग, जिम्नास्टिक, कुनेडो, ताइक्वांडो, स्विमिंग, कराटे और बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अभी तक 21 गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुकी हैं। लगन ने अखाड़े में भी दो बार कुश्ती लड़ी और चैंपियन बनीं। इसके अलावा उसे नारी शक्ति सम्मान भी मिल चुका है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े नेता उसे उसकी प्रतिभा के लिए सम्मानित कर चुके हैं। लगन की इच्छा है कि वह ओलंपिक गेम्स में भारत की तरफ से खेले और मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाए। गेम्स के दौरान बॉक्सिंग चैंपियन मैरीकॉम ने भी लगन को देखकर उसकी सराहना की थी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मार्च 2021 में नगर निगम द्वारा चौराहे पर लगन की एक बड़ी फोटो लगाई गई थी। वहीं, दीनदयाल सभागार में उसे सम्मानित किया गया। लगन स्पोर्ट्स के साथ-साथ घर के काम में भी दक्ष हैं। उसे गाय का दूध निकालना और खाना बनाना भी आता है।