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ऐसे कैसे बढ़ेगा इंडिया: उफनती नदी पैदल पार कर स्कूल जा रहे बच्चे, क्या हादसे के इंतजार में है सरकार? VIDEO

Tue, 18 Aug 2026 04:26 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी।

सार

सिस्टम गहरी नींद में सो रहा है और देश का भविष्य (छोटे-छोटे बच्चे और छात्राएं) रोजाना अपनी जान हथेली पर रखकर उफनती नदी पार करने को मजबूर है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन की कुंभकर्णी नींद तब टूटेगी, जब कोई मासूम इस तेज बहाव की भेंट चढ़ जाएगा?
 
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उफनाती नदी पैदल पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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'पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया' और 'सबका साथ, सबका विकास' जैसे नारे जब कागजों से उतरकर यूपी के झांसी की मऊरानीपुर तहसील में पहुंचते हैं, तो वे दुडेरी नदी के उफनते पानी में डूबते हुए नजर आते हैं। खदरका गांव में बरसात के मौसम में बच्चों का स्कूल जाना शिक्षा ग्रहण करना नहीं, बल्कि 'मौत के मुंह में छलांग लगाने' जैसा है।

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जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
सिस्टम गहरी नींद में सो रहा है और देश का भविष्य (छोटे-छोटे बच्चे और छात्राएं) रोजाना अपनी जान हथेली पर रखकर उफनती नदी पार करने को मजबूर है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन की कुंभकर्णी नींद तब टूटेगी, जब कोई मासूम इस तेज बहाव की भेंट चढ़ जाएगा?

क्या है पूरा मामला?
झांसी जिले के मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के खदरका गांव से होकर दुडेरी नदी गुजरती है। बारिश के दिनों में यह नदी उफान पर होती है। शंकरलाल माध्यमिक विद्यालय (खनुआ) और खदरका को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित नदी का रपटा पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। रास्ते का संपर्क दुनिया से कट जाता है, लेकिन शिक्षा की ललक में छोटे-छोटे स्कूली बच्चे, छात्राएं और यहां तक कि शिक्षक भी इस मौत के रपटे से गुजरने को विवश हैं।

घर पर खौफ में रहते हैं माता-पिता
पानी का बहाव इतना तेज होता है कि एक छोटी सी चूक किसी भी बच्चे को हमेशा के लिए अपने साथ बहा ले जा सकती है। जब तक बच्चे स्कूल से सही-सलामत घर नहीं लौट आते, माता-पिता की सांसें अटकी रहती हैं। उन्हें हर पल किसी अनहोनी की आशंका सताती रहती है। यह कोई एक दिन की बात नहीं है, बल्कि हर बारिश के मौसम में यह गांव इस मानसिक और शारीरिक त्रासदी को झेलता है।
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शिक्षकों और ग्रामीणों ने उठाई आवाज
शिक्षक मनोज गुप्ता, शिवचरण, अमर सिंह, रामप्रसाद सेन, रवि राजपूत, रविंद्र सिंह और सुरेंद्र राजपूत समेत तमाम ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन को इस गंभीर खतरे से वाकिफ कराते हुए दुडेरी नदी के इस रपटे पर तत्काल प्रभाव से एक ऊंचे पक्के पुल का निर्माण कराए जाने की मांग की है। साथ ही कहा कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार न करे, इससे पहले कि कोई अप्रिय घटना घटे, बच्चों को एक सुरक्षित रास्ता दिया जाए।
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