दोनों यूपी के झांसी की रहने वाली हैं
जानकारी के अनुसार कैंप क्षेत्र स्थित पुराना सरकारी स्कूल काफी समय से बंद था और भवन को जर्जर घोषित किए जाने के बाद उसे गिराने का काम शुरू किया गया था। सोमवार को मजदूर इमारत को तोड़ने में जुटे थे। इसी दौरान अचानक छत और दीवार का हिस्सा मजदूरों के ऊपर आ गिरा। मौके पर मौजूद लोगों ने मलबे में फंसी दोनों महिलाओं को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। दोनों घायल यूपी के झांसी की रहने वाली हैं और पलवल में मजदूरी करती हैं।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इमारत गिराने के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल उठाए। लोगों का आरोप है कि मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। ऐसे में जर्जर भवन को गिराने के काम में बरती गई सावधानी और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ठेकेदार को जिम्मेदार बताया
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मामराज रावत ने बताया कि जर्जर भवन को गिराने का काम ठेकेदार को सौंपा गया है। कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की घटना की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के कंडम घोषित सरकारी स्कूल भवनों को गिराने के लिए टेंडर जारी किया गया है।
700 से अधिक कक्षाएं असुरक्षित
जिले के 606 सरकारी स्कूलों में से 242 स्कूलों की 700 से अधिक कक्षाएं असुरक्षित पाई गई हैं। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों की पढ़ाई बंद कर दी गई है। शिक्षा विभाग की ओर से अन्य स्कूल भवनों का भी निरीक्षण कराया जा रहा है। असुरक्षित पाए जाने वाले कमरों की फेंसिंग कराकर विद्यार्थियों और स्टाफ का प्रवेश रोका जाएगा। कैंप क्षेत्र के हादसे के बाद अब जर्जर भवनों को गिराने के दौरान सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।