बच्चों को अपनी गलती का अहसास था। उनके अंदर डर भी था कि घर में पापा की डांट या पिटाई हो सकती है। उसके बाद एसआई ने दोनों की काउंसलिंग भी कराई ताकि वे डर में न रहें। समझाया कि घर पर बेटे के साथ अच्छा व्यवहार करें। दोनों बच्चों का डर दूर करने के लिए अपना मोबाइल नंबर दिया। उधर, बताया गया कि मोबाइल और कंप्यूटर पर बच्चे क्या कर रहे हैं, इस बात पर अभिभावक नजर रखें। बच्चे ऑनलाइन किन लोगों से बात कर रहे हैं, कौन से गेम खेल रहे हैं? सोशल मीडिया पर बच्चों की फ्रेंड लिस्ट और चैटिंग पर नजर रखें ।
साइबर सेल एक्सपर्ट का कहना है कि जिस मोबाइल का इस्तेमाल बच्चे पढ़ाई के लिए करते हैं। उसमें पेटीएम या अन्य कोई ऐसा ऐप नहीं रखें। हो सके तो उस मोबाइल नंबर से किसी भी बैंक खाते को भी लिंक न रखें। वहीं, बच्चे अगर गेम खेल रहे हैं तो उनसे पता कर लें कि वह रुपये देकर गेम डाउनलोड कर रहे हैं या निशुल्क। समय-समय पर बच्चों को दिए गए मोबाइल की जांच करते रहें।
कार्ड की जानकारी डिलीट कर देनी चाहिए
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक आम तौर पर परिजन बच्चों के लिए ऑनलाइन गेम खरीदने के दौरान कार्ड की डिटेल डाल देते हैं। इसी कार्ड डिटेल से एप्लीकेशन अमाउंट डिटेक्ट करता रहता है। गेम खरीदने के बाद कार्ड की जानकारी डिलीट कर देना चाहिए। इससे बच्चे खरीददारी नहीं कर पाएंगे। जिन तीन मामलों की शिकायत मिली है। उन सभी मामलों में कार्ड की डिटेल फीड होने की वजह से पैसे डिटेक्ट हो गए हैं। प्राथमिक तौर पर ठगी की शिकायत लग रही थी। जांच की तो पता चला कि पैसे गेम से जुड़े प्रोडक्ट खरीदने के लिए किया गया है।
इन खेलों का है ट्रेंड
-फ्रंटलाइन कमांडो, कॉन्ट्रैक्ट किलर, 8 बॉल पूल, कैंडी क्रश, कोड ऑफ वार, रियल कमांडो शूटिंग, मिशन मॉडर्न स्ट्राइक, ट्रेन रेसिंग सिम्युलेटर चैलेंज, एस्फॉल्ट रेसिंग गेम, रियल रेसिंग, सीएसआर रेसिंग, शूटिंग आर्चरी आदि गेम ऐसे हैं, जो इन दिनों बच्चों के काफी पसंदीदा हैं।
इस तरह के तीनों मामले सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस जांच कर रही है। गेम अपग्रेड करने व हथियार के साथ ऑनलाइन शॉपिंग के लिए बच्चे अपने अभिभावकों के खाते से रुपये निकाल रहे हैं। अभिभावकों को अपने माता-पिता पर नजर रखनी चाहिए।
राहुल सिंह, एसआई, साइबर थाना झांसी
ब़च्चों के ऑनलाइन गेमिंग के दौरान खरीदी बिक्री की पूरी डिटेल प्ले स्टोर की हिस्ट्री से मिल जाती है। ऑनलाइन गेम के दौरान बच्चे अनजाने में स्टेज क्लियर करने के लिए खरीदी कर लेते हैं। कई बार बच्चे गेम खेलने के लिए प्ले कार्ड को रिचार्ज करवा लेते हैं। कार्ड से पैसे जमा होने की वजह से पता नहीं चल पाता है।
-नरेश कुमार, साइबर एक्सपर्ट, साइबर थाना, झांसी