झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जालौन के कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद उसके दोनों बच्चे पिता को देखने की जिद करते रहे, लेकिन मां ने उनको सुरक्षित रखने के लिए आने की इजाजत नहीं दी। पति के बीमार होने के बाद से ही पत्नी ने एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ा था और बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज में दौड़ती रही, लेकिन बदकिस्मती ने साथ नहीं छोड़ा। इलाज के दौरान पति ने दम तोड़ दिया।
जालौन के माधौगढ़ के बोहन गांव निवासी कोरोना संक्रमित पति को बचाने के लिए पत्नी ने रात दिन एक कर दिया था। रविवार को पति को तेज बुखार आने के बाद उसने जालौन में भी उपचार कराया था, लेकिन आराम नहीं मिलने पर पत्नी 31 मई (रविवार) की दोपहर उपचार कराने मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। यहां चिकित्सकों ने कोरोना लक्षण को देखते हुए सैंपल ले लिया था। इसी बीच एक जून (सोमवार) को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। दो जून (मंगलवार) को आई रिपोर्ट में युवक में कोरोना वायरस की पुष्टि होेने के बाद बुधवार सुबह शव पत्नी को सौंपा गया। इस बीच मृतक के दोनों पुत्र मेडिकल कॉलेज में नहीं थे। पिता की मौत की खबर मिलने के बाद वह पापा के पास जाने की जिद करते रहे,लेकिन मां ने सुरक्षित रखने के लिए उनको बुलाना उचित नहीं समझा। पति की मौत के बाद पत्नी व बच्चे गमगीन हैं। हालांकि पत्नी, उसके पिता व एक रिश्तेदार क्वारंटीन हैं।
पत्नी बोली, झांसी से लाए थे कोरोना
मृतक की पत्नी ने बताया कि करीब सात दिन पहले उनके पति एक रिश्तेदार का इलाज कराने झांसी आए थे। घर पहुंचने के बाद अगले दिन बुखार आने लगा। उरई में भी इलाज कराया, लेकिन आराम न मिलने पर उनको मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराया। उनका कहना है कि झांसी से ही उनके पति को कोरोना हुआ है।