मोहल्ले के लोगों ने देखा कि छत पर लगे एंगल पर रस्सी के सहारे प्रशांत का शव लटका हुआ है। शोर मचाने पर भतीजा दीपांशु आया और फंदा खोलकर बेटे को नीचे उतारा। आनन-फानन परिजन उसे टहरौली लेकर भागे। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मन्नतों के बाद हुआ था बेटा, हादसे में मौत से गांव में पसरा मातम
झांसी के उल्दन के ग्राम बिजना में खेलते समय हुए हादसे में जान गंवाने वाला 10 साल का मासूम मन्नतों के बाद पैदा हुआ था। उसकी मौत के बाद से मां-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। बेटे को याद कर मां बार-बार बेसुध हो जा रही है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है।
तीन बेटियों के बाद प्रशांत का हुआ था जन्म
बिजना गांव निवासी राकेंद्र साहू और विनीता के घर में तीन बेटियों के बाद बेटे प्रशांत का जन्म हुआ था। बेटे के लिए माता-पिता ने काफी मन्नतें की थीं। उसके जन्म के बाद बहुत खुशियां मनाईं गईं थीं। लेकिन, रविवार को हुए एक हादसे में उसकी जान चली गई। बेटे के छत पर फंदे पर झूलने की जानकारी होते ही परिजन उसे पहले टहरौली अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां चिकित्सकों ने उस मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां बेसुध हो गई। जबकि, उसकी तीन बड़ी बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। गांव का माहौल भी गमगीन बना हुआ है। स्थिति यह रही कि रविवार की शाम कई घरों में तो चूल्हे तक नहीं जले।
पिता ने जताई हत्या की आशंका
मृतक मासूम के पिता राकेंद्र साहू ने बेटे की हत्या की आशंका जताई है। पिता का कहना है कि बेटे की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया है। उन्होंने बताया कि जिस एंगल पर बच्चे का शव फंदे पर लटका पाया गया, वह इतना छोटा है कि बच्चा फंदा बना ही नहीं सकता। इसके अलावा उसे इतनी समझ भी नहीं थी। हालांकि, पिता ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। वहीं, उल्दन थाने के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुरील ने बताया कि बालक खेलते समय हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि, शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की पड़ताल की जा रही है।