खुद ही बच्चे की ड्रेसिंग करनी पड़ी और क्रीम लगानी पड़ी। ताई रेखा वर्मा ने कहा कि डॉक्टरों ने सही से इलाज नहीं किया। वहीं, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि गुरुवार की सुबह छह बजे तक बच्चे की पल्स और बीपी बिल्कुल ठीक था। मगर अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजन कह रहे थे कि बच्चे को वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया। जबकि, ये कृत्रिम सांसें देने के लिए होता है। इस पर मरीज को रखने या न रखने का फैसला डॉक्टर करते हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।