झांसी। पंचायत चुनाव में प्रचार के रफ्तार पकड़ने के साथ मुर्गे के दाम भी तीन गुना तक उछल गए हैं। पिछले माह मुर्गा के दाम अस्सी रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास थे, परंतु अब यही मुर्गा ढाई सौ रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। मुर्गा कारोबारियों का कहना है कुछ दिनों पहले ही मांग में एकाएक बढ़ोत्तरी हुई है। हालत यह हैं कि लोग पंद्रह अप्रैल से पहले के लिए एडवांस बुकिंग भी करा रहे हैं।
मतदान में अब चंद दिन ही शेष हैं। ऐसे में उम्मीदवारों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक रखी है। मतदाताओं को लुभाने के लिए उम्मीदवार तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे। कई उम्मीदवार गांव में लगातार मुर्गा पार्टी आयोजित कर रहे हैं। ग्राम प्रधान पद के साथ जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार मुर्गा दावत देने में आगे हैं। उम्मीदवारों की ओर से मुर्गा पार्टी की दावतों की मौज ग्रामीण उठा रहे हैं। कई गांव ऐसे भी हैं, जहां उम्मीदवारोें की ओर से रोज अलग-अलग दावतें दी जा रही हैं।
वहीं, मुर्गा की मांग बढ़ने से विक्रेताओं की भी बांछें खिली हुई हैं। शिवाजी नगर स्थित मुर्गा मछली मार्केट के दुकानदार कलीम के मुताबिक पिछले दो हफ्ते से लगातार मुर्गे की भारी डिमांड बनी हुई है। डिमांड पूरा करने को मप्र आदि इलाकों से अतिरिक्त माल मंगाया जा रहा है। लेकिन मप्र के कई इलाकों में कोरोना के मरीज बढ़ने के कारण समय पर माल नहीं आ रहा। एक अन्य विक्रेता अकरम का कहना है डिमांड बढ़ने से मुर्गा के लिए लोग एडवांस बुकिंग करा रहे है। दुकानदारों का कहना है पंचायत चुनावों की वजह से डिमांड में इजाफा हुआ है। करीब दो महीने पहले बर्ड फ्लू के दौरान मुर्गा कारोबारियोें को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। उस दौरान मुर्गा की कीमत घटकर चालीस रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इतनी कम कीमत में भी कोई मुर्गा खरीदने को राजी नहीं था लेकिन, अब दाम में इजाफा होने से विक्रेताओं ने कुछ राहत की सांस ली है।
जांच दस्ते का पता नहीं
मतदान में चार दिन का समय शेष है। मतदाताओें को लुभाने के लिए उम्मीदवार तरह- तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। लेकिन, उड़नदस्ते का कोई अता पता नहीं है। चुनावी प्रक्रिया आरंभ होने के दस दिन बीत जाने के बावजूद प्रवर्तन दल कहीं भी कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। ब्लॉक स्तर पर इसकी रोकथाम के लिए टीमें गठित की गई थीं, लेकिन कहीं पर सक्रियता नहीं है।