संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मऊरानीपुर बिजली बिल घोटाले के आरोपी उप खंड अधिकारी और दो बाबुओं को चार्जशीट दी जाएगी। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण जल्द ही तीनों कर्मचारियों से जवाब तलब करेंगे। जवाब संतोषजनक न होने पर इनके खिलाफ कार्रवाई तय है।
दो माह पूर्व मऊरानीपुर क्षेत्र में बिजली बिल के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला प्रकाश में आया था। इसमें उप खंड अधिकारी अनिल सागर की सेफ आईडी से करीब 9 बिलों का 31 लाख 57 हजार रुपये गलत तरीके से कम किया गया था। आरोप एसडीओ के अलावा अन्य कर्मियों पर भी लगाए गए थे कि सभी के सिंडीकेट ने मिलकर यह गड़बड़झाला किया है। आरोप है कि इनके द्वारा उपभोक्ताओं से लाखों रुपये वसूल कर एसडीओ को दिए गए और फिर उनके द्वारा इन बिलों को गलत तरीके से कम कर दिया गया।
नाममात्र रुपये बिल में जमाकर रसीद थमाई गई। इस मामले में अब पावर कारपोरेशन और विद्युत वितरण मंडल की ओर से पत्र जारी कर उप खंड अधिकारी अनिल सागर, लिपिक निशांत चिचौदिया व सिद्धार्थ आनंद के खिलाफ चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए हैं। उधर, मामला उजागर होने पर अधीक्षण अभियंता ग्रामीण ने इस मामले में दो सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। चूंकि मामला राजस्व से जुड़ा है। इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सुपुर्द की जाएगी।
एसडीओ को हटाकर एसई कार्यालय किया संबद्ध, एक बाबू का उरई तबादला
घोटाले के आरोपी उप खंड अधिकारी अनिल सागर को मऊरानीपुर से हटाकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। उनके स्थान पर अनिरुद्ध मौर्य की तैनाती की गई है। साथ ही यहां के एक लिपिक सिद्धार्थ आनंद का उरई तबादला कर दिया गया है। अब केवल मऊरानीपुर में एक ही लिपिक निशांत चिचौंदिया तैनात हैं। वहीं, अंबावाय-पहलगुवां में तैनात अवर अभियंता मोहित कुमार का स्थानांतरण मऊरानीपुर परीक्षण शाखा में किया गया है। गत रोज उन्हें कार्यमुक्त भी कर दिया गया है। हालांकि अभी उनके स्थान पर किसी अन्य जेई की तैनाती नहीं की गई है।
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मऊरानीपुर में बिजली बिलों में की गई गड़बड़ी की जांच जारी है। इस मामले में अभी आरोपी एसडीओ और दो लिपिकों को चार्जशीट देकर जवाब तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - ऐनुल होदा, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण, विद्युत वितरण मंडल झांसी