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Jhansi News: देहात में सर्वाइकल-स्तन, शहर में मुंह का कैंसर बढ़ा

Tue, 16 Jun 2026 02:27 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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झांसी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं सबसे अधिक सर्वाइकल और स्तन कैंसर की चपेट में आ रही हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में पुरुषों में मुंह के कैंसर के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जागरूकता की कमी और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना इसकी प्रमुख वजह है। लोग शुरुआत में समस्या को गंभीरता से नहीं लेते और इधर-उधर उपचार कराते रहते हैं। जब तक विशेषज्ञ के पास पहुंचते हैं, तब तक बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है।
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रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन और भक्ति वेदांता कैंसर हॉस्पिटल मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में राघवेंद्र हॉस्पिटल में आयोजित निशुल्क कैंसर जांच शिविर में भी ऐसी ही स्थिति सामने आई। भक्ति वेदांता कैंसर हॉस्पिटल के एचओडी एवं रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि जांच के दौरान 30 पुरुषों में मुंह के कैंसर और 10 महिलाओं में स्तन व सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि हुई। इनमें अधिकांश महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों की थीं।
मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं व्यक्तिगत स्वच्छता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे पातीं, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। कई बार गंभीर समस्या होने के बाद भी वे किसी को इसकी जानकारी नहीं देतीं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों के लगातार सेवन से पुरुषों में मुंह के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
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डॉ. माहुर ने कहा कि कैंसर से घबराने के बजाय उसका समय पर उपचार कराना जरूरी है। बीमारी का पता चलते ही मरीज और परिजन अक्सर तनाव में आ जाते हैं, जिसका नकारात्मक असर रोगी पर पड़ता है। परिवार के लोगों को घर का माहौल सामान्य रखना चाहिए और लोगों की सलाह पर भटकने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से ही उपचार कराना चाहिए।
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कैंसर के प्रमुख लक्षण
शरीर में गांठ का आकार या स्वरूप बदलना अथवा उसमें दर्द होना।
शरीर के किसी हिस्से से असामान्य स्राव होना।
मूत्र या मल के साथ रक्त आना।
मुंह में लंबे समय तक छाले बने रहना।
आवाज में अचानक बदलाव आना।
आंतों की सामान्य गतिविधियों में परिवर्तन होना।
तिल या मस्से के आकार, रंग या स्वरूप में बदलाव होना।
भोजन निगलने या तरल पदार्थ पीने में कठिनाई होना।
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