कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्र सरकार पर सैनिकों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि केंद्र सरकार सैनिकों को अपमानित कर रही है। कितने शर्म की बात है कि सैनिकों के पास हथियार नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में उसी दिन जनसभा की थी लेकिन शहीदों की याद में दो मिनट का मौन नहीं रख सके। जो देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर देते हैं, उनकी सुरक्षा भी नहीं कर सके। प्रधानमंत्री को इसके लिए जवाब देना होगा।
कांग्रेस महासचिव बनने के बाद पहली बार झांसी आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इस बात का भी जवाब दें कि जिस दिन पुलवामा की आतंकी घटना में सैनिक शहीद हुए, वे जिम कार्बेट पार्क में क्या कर रहे थे? देश की आंतरिक सुरक्षा की स्थिति काफी गंभीर है। पहली बार ऐसा हुआ कि सरकार सैनिकों के लिए अपमानजनक रवैया अपना रही है। सैनिकों के पास पर्याप्त हथियार तक नहीं हैं। जनरल फिलिप की रिपोर्ट में जो खामियां बताई गई हैं, उन्हें दुरुस्त किया जाना जरूरी है। जो लोग देश की सुरक्षा में अपना सब कुछ न्योछावर कर दे रहे हैं, उनकी सुरक्षा भी सरकार नहीं कर पा रही है। यह बड़ी खेदजनक स्थिति है। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ मौजूद रहे।