फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Srishti suicide case: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति समेत चार के खिलाफ केस दर्ज, हॉस्टल में मिला था शव

Fri, 24 May 2024 07:21 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में करीब डेढ़ साल पहले बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा आत्महत्या मामले में न्यायालय के आदेश के बाद कुलपति समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 19 जनवरी 2023 को सृष्टि अपने कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी।
विज्ञापन
crime demo - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में करीब डेढ़ साल पहले बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। इस मामले में कुलपति मुकेश पांडेय समेत चार लोगों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर थाना नवाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया है। गोरखपुर निवासी छात्रा हॉस्टल के कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी।  

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के शाहपुर धर्मपुर निवासी जयप्रकाश राय की बेटी सृष्टि राय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा थी। वह समता हॉस्टल के कमरा नंबर 306 में रहती थी। 19 जनवरी 2023 को सृष्टि अपने कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी। आरोप है कि वार्डन डॉ. शिप्रा वशिष्ठ, मैटर्न सुमन, विभागाध्यक्ष जाकिर अली और कुलपति मुकेश पांडेय द्वारा मानसिक और व्यावहारिक उत्पीड़न से आहत होकर सृष्टि ने आत्महत्या की थी। 

सृष्टि के पिता का कहना है कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लेकर उच्च अधिकारियों तक से गुहार लगाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर वार्डन, मैटर्न, विभागाध्यक्ष और कुलपति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। 
विज्ञापन


एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिह ने बताया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की बीटेक की छात्रा की आत्महत्या के मामले में न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। वहीं, कुलपति मुकेश पांडेय ने बताया कि छात्रा मानसिक अवसाद से पीड़ित थी, उसका इलाज चल रहा था। उसके कमरे से डिप्रेशन की दवाइयां और सुसाइड नोट भी मिला था। सुसाइड में कहीं भी उत्पीड़न का आरोप नहीं लगा है। सभी साक्ष्य पुलिस ने अपने कब्जे में लिए थे। अब जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह निराधार हैं। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें