फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों खर्च कर बन रही खाद हो रही कूड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। केंद्र और प्रदेश सरकार जैविक खेती के साथ खाद के प्रयोग को बढ़ावा दे रही है, लेकिन नगर निगम के प्लांट में करोड़ों रुपये खर्च कर बन रही खाद कूड़ा हो रही है। प्लांट में अब तक बन चुकी करीब 10 टन खाद जहां की तहां पड़ी है। इसके प्रयोग को लेकर नगर निगम अधिकारी संजीदा नहीं हैं। वहीं, आय में बढ़ोत्तरी के लिए की गई कवायद के वल खर्च तक ही सिमट रही है।
विज्ञापन

नगर निगम ने साल 2017 में दो करोड़ रुपये की लागत से बिजौली में दो हेक्टेयर भूमि पर फीकल स्लज प्लांट का निर्माण कराया था। यहां पर सेप्टिक टैंक से आने वाले कचरे को निस्तारित कर खाद का रूप दिया जाता है। प्लांट के संचालन के लिए नगर निगम ने एक कंपनी से अनुबंध किया है। साथ ही, प्लांट के संचालन पर हर महीने करीब 60 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं।
लेकिन यहां बन रही खाद का निगम उपयोग ही नहीं कर पा रहा है। प्लांट में ही खाद के ढेर लगे हुए हैं। इसके उपयोग और बिक्री को लेकर नगर निगम के पास कोई योजना नहीं है। जबकि निगम खाद को अपने पार्कों और डिवाइडरों पर प्रयोग कर सकता है। साथ ही, पौधों के लिए उपयोगी खाद की मार्केटिंग कर बिक्री के जरिए आय बढ़ा सकता है। लेकिन करोड़ों से बन रही खाद बेकार हो रही है।
विज्ञापन

पौधों में हो सकता है खाद का प्रयोग
प्लांट का संचालन कर रही कंपनी के तकनीकी अधिकारी नवीन गुप्ता बताते हैं कि फीकल स्लज से बनने वाली खाद में पैथाजन होता है। जोकि जहरीला होता है। जिसे दूर करने के लिए खाद को धूप में सुखाया जाता है। करीब छह महीने से अधिक समय तक सूखने के बाद खाद का प्रयोग चार फु ट से बड़े पेड़ों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्लांट में ही लगे कई पौधों को खाद का प्रयोग कर उगाया गया है। अब तक 10 टन खाद बनाई जा चुकी है। साथ ही स्लज के पानी को फिल्टर कर पौधों में प्रयोग किया जाता है।
राष्ट्रपति और सीएम दे चुके हैं पुरस्कार
झांसी में बनाए गए फीकल स्लज प्लांट को प्रदेश का पहला प्लांट माना जाता है। इसके लिए नगर निगम को राष्ट्रपति और सीएम पुरस्कार दे चुुके हैं। इसके बाद भी प्लांट में हो रहे उत्पादन के प्रयोग को लेकर निगम संजीदा नहीं है।
बढ़ सकती है खाद की गुणवत्ता
एनजीटी ने हाल ही में पैथोजन की मात्रा को दूर करने के लिए गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत फीकल स्लज की खाद को गीले कूड़े के साथ निस्तारित कर अधिक गुणवत्ता पूर्ण बनाया जा सकता है। जिसके बाद खाद का उपयोग खेती में किया जा सकता है। इसके लिए कंपनी ने निगम अधिकारियों को सुझाव भी दिए हैं।
एनजीटी की गाइडलाइन के चलते प्लांट में बन रही खाद का उपयोग नहीं किया जा रहा है। पैथाजन के चलते इसे बिक्री नहीं किया जा सकता। इसे पार्कों और डिवाइडरों में प्रयोग करने के लिए योजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन

शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें